ओडिशा में कुछ सीटों पर कांग्रेस कर सकती है समझौता
ओडिशा में आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा और दो लेफ्ट दलों के साथ समझौता कर सकती है। इंडिया ब्लॉक गठबंधन को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी अस्का सीट को सीपीआई को दे सकती है जबकि भुवनेश्वर लोकसभा सीट सीपीएम के खाते में जा सकती है।
दोनों ही सीटों पर कांग्रेस के पास कोई मजबूत उम्मीदवार नहीं है, जबकि लेफ्ट पार्टियों की यह पारंपरिक सीट है। इसी तरह मयूरभंज लोकसभा सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा को जा सकती है। कांग्रेस और लेफ्ट पार्टी के नेताओं ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

माना जा रहा है कि इसपर जनवरी माह के पहले हफ्ते चर्चा हो सकती है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी मुख्य रूप से पश्चिमी और दक्षिणी ओडिशा पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है, यहां पार्टी को अधिक संभावनाएं नजर आ रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सुंदरगढ़ में अपनी पहली चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। प्रदेश का नेतृत्व भी यह चाहता है कि खड़गे और राहुल गांधी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत आदिवासी इलाकों से करें, जहां पार्टी के उम्ंमीदवार जॉर्ज तिर्के ने 2.68 लाख वोट 2019 के चुनाव में हासिल किए थे।
यहां पर बीजू जनता दल उम्मीदवार सुनीता बिस्वाल और तिर्के के बीच वोटों का अंतर 7000 था। वहीं भाजपा के जुआल ओरम ने इस सीट पर 5 लाख से अधिक वोट से जीत दर्ज की थी। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हेमानंद बिस्वाल ने 2009 लोकसभा चुनाव में सुंदरगढ़ से जीत दर्ज की थी। गौर करने वाली बात है कि हाल ही में इंडिया गठबंधन की हुई बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा हुई थी। माना जा रहा है इसके बाद से कांग्रेस क्षेत्रीय दलों के साथ सीटों के बंटवारे पर बैठक कर रही है।












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