राफेल डील पर कांग्रेस का हमला, कहा- 'मोदी जी जांच शुरू हो चुकी है'
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'मोदीजी, आप जितना चाहें भाग सकते हैं और झूठ बोल सकते हैं, लेकिन आज नहीं तो कल सच्चाई सामने आएगी।'
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नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को राफेल डील के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील के मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से जमा कराए गए रक्षा मंत्रालय के दस्तावेजों को वैध मानते हुए स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन दस्तावेजों के खिलाफ केंद्र सरकार की आपत्तियों को भी खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की दोबारा विस्तार से सुनवाई करेगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्ष भी हमलावर हो गया है। राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है।

'घोटाले के झोल एक-एक करके बाहर आ रहे हैं'
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, 'मोदीजी, आप जितना चाहें भाग सकते हैं और झूठ बोल सकते हैं, लेकिन आज नहीं तो कल सच्चाई सामने आएगी। राफेल घोटाले के झोल एक-एक करके बाहर आ रहे हैं। अब आपके पास पीछे छिपने के लिए कोई आधिकारिक सीक्रेट एक्ट नहीं बचा है। आज सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कानूनी सिद्धांत को सम्मान के साथ बरकरार रखा है। इस मामले में उनके भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ घबराए हुए मोदीजी ने आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम लागू करने की धमकी भी दी थी। चिंता मत कीजिए मोदीजी, अब इस मामले में जांच शुरू हो चुकी है, चाहे वो आपको पंसद हो या ना हो।'
प्रियंका चतुर्वेदी ने भी बोला हमला
वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर हमला करते हुए कहा, 'एक ही चौकिदार चोर है, खुल गई उसकी पोल है, हम सबको पता है वो कौन है।' गौरतलब है कि इसके पहले की सुनवाई में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि जो दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए हैं, उन्हें विशेषाधिकार प्राप्त है, जिन्हें भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 123 के तहत सबूत नहीं माना जा सकता है। इन दस्तावेजों को गोपनीयता के अधिनियम के तहत संरक्षित किया जाता है। कोर्ट ने आज के फैसले में सरकार की इन दलीलों को खारिज कर दिया।

याचिका में क्या कहा गया
पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं का कहना था कि राफेल डील के मामले में धांधली की गई और भ्रष्टाचार हुआ है। साथ ही उनका कहना है कि भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए किसी भी कागज को कोर्ट में पेश किया जा सकता है, वह चाहे जैसे भी हासिल किया गया हो। लिहाजा कोर्ट को इन दस्तावेजों पर गौर करना चाहिए। साथ ही कहा गया था कि किसी भी विभाग के अंदर अगर भ्रष्टाचार को सामने लाने के लिए कोई गोपनीय तरीके से दस्तावेज देता है तो उसकी पहचान को उजागर नहीं करना चाहिए।












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