Independence Day 2023: लाल किले पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में क्यों शामिल नहीं हुए खड़गे, खुद बताई ये वजह
Independence Day 2023: 15 अगस्त को आज देश में 77वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी दिल्ली के लाल किला परिसर में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम हुआ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ध्वजारोहण किया। इस कार्यक्रम में कई दिग्गज नेता कार्यक्रम में शामिल हुए।
हालांकि, लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शिरकत नहीं कर सके। खड़गे के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल ना होना चर्चा का विषय बन गया है। खड़गे के ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल ना होने के पीछे उनकी आई फ्लू होने की बात कही जा रही थी।

वहीं, अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यक्रम में शामिल ना होने के पीछे वजह खुद बताई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'सबसे पहले तो मुझे आंखों से संबंधित समस्याएं हैं। दूसरे, मुझे प्रोटोकॉल के अनुसार सुबह 9.20 बजे अपने आवास पर तिरंगा फहराना था। फिर मुझे कांग्रेस कार्यालय आना था और यहां भी तिरंगा फहराना था।'
खड़गे ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि इसलिए, मैं यहां (लाल किले) नहीं पहुंच सका। सुरक्षा इतनी कड़ी है कि वे पीएम, गृहमंत्री के जाने से पहले किसी और को जाने नहीं देते... मुझे लगा कि मैं यहां समय पर नहीं पहुंच पाऊंगा। इसलिए मैंने न ही पहुंचना बेहतर समझा।
इस दौरान मीडिया कर्मियों ने खड़गे से सवाल पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर ध्वाजारोहण के बाद कहा कि वह अगले फिर से झंडा फहराएंगे। इसके जवाब में खड़गे ने कहा, वे (प्रधानमंत्री) अगले साल एक बार फिर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, लेकिन अपने घर पर फहराएंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्वतंत्रता दिवस पर मंगलवार 15 अगस्त को दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में तिरंगा फहराया। इस दौरान खड़गे ने कहा कि राष्ट्र निर्माण एक सतत प्रक्रिया है। हमारे आज़ादी के महान नायकों ने इस सपने को साकार किया है। आज कल कुछ लोग जताते हैं कि भारत कि प्रगति कुछ वर्षों में हुई ही नहीं है लेकिन वे ग़लत सोचते हैं।
जब यहां सुई भी नहीं बनती थी तब पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू जी ने इस्पात संयंत्र स्थापित किए, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां बनाईं, देश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए। उन्होंने IIT, IIM, AIIMS, अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान इसरो की भी स्थापना की और देश में परमाणु अनुसंधान की नींव रखी।
खड़गे ने कहा कि मुझे यह कहते हुए पीड़ा हो रही है कि आज लोकतंत्र, संविधान और संस्थान पर बहुत बड़ा खतरा है। सदन में विपक्ष के सांसदों को निलंबित कर उनकी आवाज़ को कुचलने की कोशिश की जाती है और यह कहते हैं कि हम लोकतंत्र बनाते हैं। भारत में 140 कोरड़ लोग समर्पित है लेकिन सदन में जब मैं अपनी बात करने के लिए उठता हूं तो माइक बंद कर दिया जाता है।












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