Congress President Election : Kharge बोले- थरूर से मतभेद नहीं, गांधी परिवार का नाम घसीटना भाजपा की साजिश
Congress President Election में kharge vs Tharoor मुकाबला सुर्खियों में है। खड़गे ने Gandhi family का नाम घसीटने को भाजपा की साजिश करार दिया है। Congress President Election kharge vs tharoor gandhi family name bjp conspi
Congress President Election Kharge और Tharoor के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई भी बन सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव से पहले थरूर मुद्दों पर बहस का आह्वान कर चुके हैं। अब मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,मैं प्रतिनिधियों का उम्मीदवार हूं। नेता-प्रतिनिधियों ने मिलकर मुझे उम्मीदवार बनाया... गांधी परिवार का नाम घसीटना, बीजेपी की साजिश है और कुछ लोग इसे बढ़ावा दे रहे हैं।
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खड़गे ने कहा, मुझे लगता है कि भाजपा गांधी परिवार को बदनाम करने की साजिश में शामिल है। कुछ लोग इस बात को बढ़ावा दे रहे हैं कि खड़गे को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में गांधी परिवार ने उम्मीदवार बनाया है। ऐसा नहीं है। परिवार का नाम बेवजह घसीटा जा रहा है। मैं इसकी निंदा करता हूं। कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कोई भी चुनाव लड़ सकता है।
थरूर से मतभेद पर खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार शशि थरूर ने "असमान प्लेइंग ग्राउंड" (uneven playing field) वाली टिप्पणी पर उनके मुकाबले में खड़े उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "...हम भाई हैं। कोई अलग तरीके से बोल सकता है, मैं इसे अलग तरीके से कर सकता हूं। हम..."
सवाल मोदी-शाह से
उन्होंने मतभेद और शिकायत संबंधी सवालों पर कहा, ये हमारे बीच झगड़ा कराने के प्रयास हैं। कांग्रेस परिवार में कोई आंतरिक लड़ाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा, बात अगर शिकायत की है तो उनकी शिकायत केवल सत्तारुढ़ नरेंद्र मोदी और अमित शाह से है। महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर उनकी कंप्लेन है, जिसका निदान किए जाने की जरूरत है।
थरूर के बयान से सवाल
गौरतलब है कि, शशि थरूर ने Congress President Election की प्रक्रिया के बीच दो दिन पहले (11 अक्टूबर) दावा किया कि कई निर्वाचको को उनके नेता ने प्रतिद्वंदी मल्लिकार्जुन खड़गे को वोट देने का निर्देश दिया है। बकौल थरूर, उन्हें भरोसा है कि अंत में गुप्त मतदान के दौरान यह लोग मुझे अपना वोट देंगे।

थरूर के साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का हाथ
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ जहां मल्लिकार्जुन खड़गे के नामांकन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए तो शशि थरूर के नामांकन के दौरान ऐसा नहीं दिखा। नामांकन के दौरान की तस्वीर सामने आने के बाद से ही इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि मल्लिकार्जुन खड़गे को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन प्राप्त है।
चुनाव में पारदर्शिता पर जोर
यह भी रोचक तथ्य है कि शशि थरूर और मनीष तिवारी उन 23 नेताओं के समूह में शामिल थे, जिन्होंने 2020 में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी। इन नेताओं के ग्रुप को जी-23 कहा गया। इसमें शामिल गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल सरीखे दिग्गज नेता कांग्रेस पार्टी से अलग हो चुके हैं। करीब एक महीने पहले गत 10 सितंबर को थरूर समेत पांच कांग्रेस नेताओं ने चुनाव में पारदर्शिता पर भी जोर दिया था। इन नेताओं ने ऑल इंडिया कांग्रेस समिति (AICC) के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को पत्र लिखा था।












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