Ram Mandir: 'पहले कान पकड़कर माफी मांगो...', आखिर किस पर नाराज हुईं उमा भारती? किसको कहा 'विषाक्त'?
Uma Bharti On Ram Mandir: पूरा भारत 22 जनवरी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, रामलला की प्राणप्रतिष्ठा की तैयारियां जोरों पर हैं लेकिन कांग्रेस पार्टी की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि उन्हें जानबूझकर निमंत्रण नहीं दिया जा रहा है।

जिन्हें अब आड़े हाथों लिया है भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने, जिन्होंने जमकर कांग्रेस की क्लास लगाई है।
उन्होंने कहा कि 'राम जन्मभूमि आंदोलन को जहरीला करने वाले ये ही कांग्रेस और वामदलों के नेता ही थे, इन्होंने ही कारसेवकों को परेशान किया।'
हिंदुओं और मुसलमानों दोनों को खुश रखने की कोशिश...
'प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा हिंदुओं और मुसलमानों दोनों को खुश रखने की कोशिश के कारण छह दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचे का विध्वंस हुआ था, आज ये कह रहे हैं कि इन्हें निमंत्रण नहीं मिल रहा है।'
'सरयु में डुबकी लगाओ, कान पकड़कर माफी मांगो'
'अरे इन्हें तो बिना निमंत्रण के ही अयोध्या जाकर अपने पापों का प्रायश्चित करना चाहिए। सरयु में जाकर इन्हें डुबकी लगाकर, रामलला के सामने कान पकड़कर माफी मांगनी चाहिए, तब जाकर ये कुछ भी बोलने लायक होंगे।'
'कांग्रेस की राम या राम राज्य में कोई आस्था नहीं है'
'बीजेपी की इस तेज तर्रात नेता ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि 'दरअसल दिक्कत ये है कि कांग्रेस दुविधा में है, वो जानती है कि विरोध कर नहीं सकती है और उसकी राम या राम राज्य में कोई आस्था नहीं है और उसे मुसलमानों की भी चिंता नहीं है बल्कि वह केवल वोट चाहती है।'
कारसेवकों के सीने पर गोली चलाई गई: उमा भारती
पहले ये कहते थे कि 'राम काल्पनिक हैं और आज मंदिर का निमंत्रण ना मिलने का रोना रो रहे हैं।' उन्होंने कहा कि 'राम मंदिर आंदोलन में भाग लेने वाले कारसेवक शांत थे लेकिन उन्हें बिना किसी चेतावनी के सिर और सीने में गोली दाग दी गईं, उनका कोई कसूर नहीं था। मुलायम सिंह ने कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश दे दिया।'
कांग्रेस ने मुलायम सिंह पर मुकदमा क्यों नहीं चलाया?
'अगर कांग्रेसी सही थे तो फिर तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव ने इस तथ्य को अनदेखा क्यों किया और मुलायम सिंह यादव (तत्कालीन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री) और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं चलाया? ये सब लोग सिर्फ सत्तालोभी हैं।'
मथुरा में भी भगवान कृष्ण का मंदिर बनना चाहिए
उमा भारती ने आगे कहा 'जिस तरह अयोध्या राम की जन्मस्थली है वैसे ही मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली है और वहां भी भगवान कृष्ण का मंदिर बनना चाहिए। पूरी उम्मीद है कि वो दिन भी जल्द ही आएगा जब रामलला की तरह कान्हा जी का मंदिर भी मथुरा में बनेगा।'












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