कांग्रेस का केंद्र पर नया जासूसी सॉफ्टवेयर Cognyte खरीदने का आरोप, खेड़ा बोले- 2 जासूस को किसी पर भरोसा नहीं
कांग्रेस ने केंद्र पर नया जासूसी सॉफ्टवेयर Cognyt खरीदने का आरोप लगाया है। पवन खेड़ा ने कहा कि इसके लिए 986 करोड़ रुपये खर्च होगा।

राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने और अडानी की जेपीसी की मांग के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर पेगासस जैसा नया जासूसी सॉफ्टवेयर कॉग्नाइट (Cognyte) खरीदने की कोशिश करने का बड़ा आरोप लगाया है। प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार ₹986 करोड़ की कीमत पर जासूसी सॉफ्टवेयर खरीद रही है।
कांग्रेस का बड़ा आरोप
सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, "इस देश के जो '2 जासूस' हैं, उन्हें किसी पर भरोसा नहीं है। इसलिए ये हमारे और आप जैसे करदाताओं का करोड़ों रूपया जासूसी सॉफ्टवेयर खरीदने में लगा रहे हैं।"
'विपक्ष से नफरत करती है सरकार'
खेड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि शहंशाह को डर है कि कहीं उसका झूठ का खोखला महल हमारे एक सच से गिर न जाए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल राजनेताओं, मीडिया, कार्यकर्ताओं और गैर सरकारी संगठनों पर जासूसी करने के लिए किया जाएगा।
सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, "चूंकि पेगासस बदनाम हो गया है, इसलिए 'मिनिमम गवर्नेंस-मैक्सिमम सर्विलांस' वाली सरकार बाजार में एक नए स्पाईवेयर की तलाश कर रही है।"
खेड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि मैं समझता हूं कि सत्तारूढ़ दल विपक्ष से नफरत करता है, लेकिन उन्होंने अपने मंत्रियों पर जासूसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि ये नया स्पाईवेयर पेगासस का विकल्प है। Cognyte स्पाईवेयर को खरीदने में हमारा-आपका 986 करोड़ रुपये खर्च होगा।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार विपक्ष, पत्रकारों, न्यायपालिका, नागरिकों और यहां तक कि अपने मंत्रियों की जासूसी करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करती है। उन्होंने केंद्र से तीन सवाल भी पूछे।
- क्या Cognyte से कुछ संचार उपकरण खरीदे गए हैं? अगर हां, तो किस मंत्रालय ने खरीदे, कितना खर्च हुआ?
- क्या एक नए Spyware को अंतिम रूप देने का विचार है?
- क्या किसी मंत्रालय ने रिक्वेस्ट ऑफ प्रपोजल जारी किया? यदि हां तो वह कौन सा मंत्रालय है?












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