पांच राज्यों में हार के बाद कांग्रेस को हो सकता है राज्यसभा में नुकसान, छिन सकता है विपक्ष के नेता का दर्जा
नई दिल्ली, मार्च 11। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में हुई कांग्रेस की हार का असर अब सीधा राज्यसभा में देखने को मिलेगा। दरअसल, पांचों राज्यों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन की वजह से अब राज्यसभा में उसकी संख्या प्रभावित होगी। ANI की खबर के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी राज्यसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा भी खो सकती है और इसकी संभावनाएं बहुत अधिक हैं। आपको बता दें कि इसी साल राज्यसभा के लिए द्विवार्षिक चुनाव होने हैं, जिसमें कांग्रेस की संख्या कम होना तय माना जा रहा है और अगर राज्यसभा में कांग्रेस की संख्या कम होती है तो उसके पास से संसद के उच्च सदन का विपक्ष के नेता का पद चला जाएगा।

6 राज्यों में खाली हो रही हैं राज्यसभा की 13 सीटें
आपको बता दें कि देश के छह राज्यों में राज्यसभा की करीब 13 सीटें खाली होनी हैं, जिनके लिए 31 मार्च को चुनाव होगा। जिन राज्यों में राज्यसभा की सीटें खाली होंगी उनमें असम, हिमाचल प्रदेश, केरल, नगालैंड और त्रिपुरा शामिल है। इन राज्यों से राज्यसभा के आठ सदस्यों का कार्यकाल दो अप्रैल को और पंजाब के पांच सदस्यों का कार्यकाल नौ अप्रैल को पूरा होगा। इस कारण ये सीटें रिक्त हो रही हैं। पंजाब में अब कांग्रेस की सरकार नहीं है, जिसका नुकसान उसे राज्यसभा में हो सकता है।
कांग्रेस की राज्यसभा में हैं 34 सीटें
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कांग्रेस पार्टी इस साल के अंत में गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों और अगले साल कर्नाटक में होने वाले चुनावों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती है तो राज्यसभा में कांग्रेस के हाथ से द्विवार्षिक चुनावों में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी चली जाएगी। वर्तमान में राज्यसभा में कांग्रेस की 34 सीटें हैं और इस साल कम से कम सात सीटें हारने के लिए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा पाने का क्या है नियम?
मानदंडों के अनुसार, संसद के किसी भी सदन में विपक्ष के नेता का दर्जा प्राप्त करने के लिए सदन की कुल सदस्यता का 10 प्रतिशत होना चाहिए, तभी जाकर वो पार्टी अपने नेता को विपक्ष के नेता का दर्जा दिला सकती है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा प्राप्त करने के लिए कम से कम 25 सीटें होना बहुत जरूरी है। फिलहाल कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे सदन में विपक्ष के नेता हैं। लोकसभा में कांग्रेस के पास विपक्ष के नेता का दर्जा नहीं है क्योंकि सदन में उसकी वर्तमान संख्या सदन कुल सदस्यों के 10 प्रतिशत के आंकड़ों से कम है।












Click it and Unblock the Notifications