मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हड़ताल, कांग्रेस नेता सुभांकर सरकार को करना पड़ा डॉक्टरों के विरोध का सामना
Kolkata News: उत्तरी कोलकाता के सागर दत्त अस्पताल में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। जो एक मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य कर्मियों और नर्सों पर कथित हमले का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुभांकर सरकार रविवार को कई पार्टी नेताओं के साथ अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों के विरोध का सामना करना पड़ा।
जूनियर डॉक्टरों ने जोर देकर कहा कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है और वे अपने कार्यस्थल पर बेहतर सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मांग कर रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी डॉक्टर ने कहा कि यह डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बेहतर सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए एक नागरिक आंदोलन है। उन्होंने किसी भी राजनेता को उनके मंच में शामिल न होने का अनुरोध किया।

सुभांकर सरकार ने डॉक्टरों की भावनाओं का सम्मान करते हुए स्थल छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हम यहां नागरिकों के रूप में आए थे। लेकिन जूनियर डॉक्टरों की भावनाओं का सम्मान करते हुए हम जा रहे हैं। ये डॉक्टर हमारे बच्चों की तरह हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डॉक्टरों ने उन्हें जाने के लिए मजबूर नहीं किया था। लेकिन वे चाहते थे कि उनका आंदोलन गैर-राजनीतिक बना रहे।
सागर दत्त अस्पताल में 27 सितंबर को हुई घटना को लेकर सरकार ने इसे स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा से जुड़ा व्यापक मुद्दा बताया। उन्होंने पहले आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई समान घटनाओं का हवाला दिया।
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारियों को किसी और को सौंपने का अनुरोध किया। उनका तर्क था कि बनर्जी अन्य जिम्मेदारियों से अभिभूत हैं और स्वास्थ्य मंत्री के रूप में अपनी भूमिका ठीक से नहीं निभा पा रही हैं। कांग्रेस नेता का यह बयान पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।
डॉक्टरों की यह हड़ताल राज्य की स्वास्थ्य सेवा में सुरक्षा और संरचना की कमी को लेकर गहरी चिंताओं का प्रतीक है। हड़ताली डॉक्टर बेहतर स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों के लिए अधिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। जो कि राज्य में एक बड़ा मुद्दा बन गया है।












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