पेगासस मामले पर बोले थरूर- सिर्फ सरकार ही खर्च कर सकती है जासूसी के लिए करोड़ों, हो निष्पक्ष जांच
नई दिल्ली, 19 जुलाई: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ। इस बीच अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने पेगासस स्पाई रिपोर्ट जारी कर सनसनी मचा दी। दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ने इजरायली सॉफ्टवेयर के जरिए कई पत्रकारों और नेताओं की जासूसी की। मामले ने तब तूल पकड़ा जब राहुल गांधी और प्रशांत किशोर के जासूसी की बात सामने आई। इसके बाद से केंद्र विपक्ष के निशाने पर है। अब कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने सरकार पर सवाल उठाए हैं।

आईटी मामलों पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष थरूर ने कहा कि आईटी मंत्री ने संसद को बताया कि कोई अनधिकृत जासूसी नहीं की गई है। ऐसे में ये सवाल उठता है कि ये जासूसी अधिकृत थी। अगर हां, तो किस आधार पर इसे अधिकृत बनाया गया था। राहुल गांधी-प्रशांत किशोर या फिर किसी का इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार क्या सोच रहे हैं, इसका राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है।
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थरूर के मुताबिक पेगासस के निर्माता एनएसओ ग्रुप का साफ कहना है कि वो अपने सॉफ्टवेयर को केवल सरकारों को बेचते हैं। इसकी लागत भी 7 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, यानि ये भारत के हिसाब से 50 करोड़ से ज्यादा का पड़ेगा। ऐसे में जाहिर है कि इतना पैसा सिर्फ सरकार ही खर्च कर सकती है। अगर भारत सरकार ने ऐसा किया है तो ये बहुत बुरा है। अगर किसी ने अनधिकृत रूप से ऐसा किया है, तो ये और भी बुरा है। अगर इसमें किसी विदेशी सरकार का हाथ है, तो भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
बीजेपी ने कही ये बात
बीजेपी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ऐसे स्तरहीन आरोप लगाए हैं, जो राजनीतिक शिष्टाचार से परे हैं। बीजेपी कांग्रेस द्वारा लगाए गए पेगासस मामले के सारे आरोपों को खारिज करती है। कांग्रेस ने अब तक पेगासस मामले में कोई सबूत पेश नहीं किए हैं।












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