प्रियंका गांधी ने पूछा मोदी सरकार से सवाल, क्यों कम किए गए ऑक्सीजन, आईसीयू और वेंटिलेटर बेड
नई दिल्ली, जून 06: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले साल सितंबर और इस साल जनवरी के बीच ऑक्सीजन, आईसीयू और वेंटिलेटर बेड को कम करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला क्यों किया गया, जबकि विशेषज्ञों ने कोरोना की दूसरी लहर की भविष्यवाणी की थी। प्रियंका गांधी ने सवाल पूछते हुए कहा कि जब जनवरी में प्रधानमंत्री 'कोरोना से युद्ध जीत लेने' की झूठी घोषणाएं कर रहे थे, उसी समय देश में ऑक्सीजन बेडों, आईसीयू बेडों और वेंटिलेटर बेडों की संख्या को घटा दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाएं दुरुस्त करने की सलाहों को भी दरकिनार किया गया।

मोदी सरकार से सवाल पूछते हुए प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर एक 45 सेकंड के वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि सितंबर 2020 से जनवरी 2021 तक मोदी सरकार ने ऑक्सीजन बेड में 36%, ICU बेड में 46%, वेंटिलेटर बेड में 28% की कमी की गई। जबकि देश के हर विशेषज्ञ, स्वास्थ्य संबंधी संसदीय समिति और उनके स्वयं के सीरो-सर्वेक्षण ने उन्हें चेतावनी दी कि एक अपरिहार्य कोरोना की दूसरी लहर आएगी तो अतिरिक्त बेड की आवश्यकता होगी। ऐसे में इसका जिम्मेदार कौन है?
इसके अलावा वीडियो में उन्होंने पूछा कि क्या भारतीय नागरिकों का जीवन सेंट्रल विस्टा परियोजना से कम महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसे 'आवश्यक सेवा' घोषित किया गया था। प्रियंका गांधी ने कहा कि जब वे सत्ता में आए तो उन्होंने स्वास्थ्य बजट में 20% की कटौती की। उन्होंने हर जगह एम्स का वादा किया, उन्होंने कहा कि जिला सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। इसके बजाए सेंट्रल विस्टा परियोजना को एक 'आवश्यक सेवा' घोषित किया गया था और लोग इसे 2023 तक पूरा करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।












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