पूर्व मुस्लिम कांग्रेस सांसद मौलाना असरारुल हक ने सानिया गांधी के खिलाफ छेड़ा बगावती सुर

मौलाना ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य भी हैं। ध्यान रहे कि सोनिया गांधी बीते अप्रैल में अहमद बुखारी से मिलीं और उन्होंने मुस्लिम नेताओं अपील की थी कि वे देखें कि सेक्युलर वोट बंटने ना पाएं। उनकी इस बात से काफी हो-हल्ला मचा था और काफी आलोचना भी हुई थी। मौलाना ने कहा कि अब परिस्थितियां बदल गई हैं। अगर मोदी काम करेंगे तो जीतेंगे और अगर काम नहीं करेंगे तो हार जाएंगे। नौजवानों ने नरेन्द्र मोदी को बडी़ तादाद में वोट दिया क्योंकि उन्होंने विकास का वादा किया था।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी मोदी के साथ सहयोग करने को तैयार है बशर्ते वह विकास को तेज करें लेकिन वे किसी भी हालत में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने नहीं देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अनुच्छेद 370 हटाने या समान आचार संहिला लागू करने की कोशिश की गई तो यह देश बंट जाएगा। हम मौलिक अधिकारों को बदलने नहीं देंगे। नरेन्द्र मोदी को व्यवस्था के तहत ही चलना होगा।












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