‘कांग्रेस और कॉरपोरेट की जुगलबंदी पुरानी’, राहुल गांधी के आरोपों पर निशिकांत दुबे का जवाब
Nishikant Dubey on Rahul Gandhi: भारतीय सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है, और अब एक बार फिर बीजेपी बनाम कांग्रेस की जंग तेज हो गई है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।
दुबे ने कांग्रेस पर सत्ता के दौरान बड़े उद्योगपतियों से साठगांठ रखने और देश में "लाइसेंस, परमिट और कोटा राज" जैसी व्यवस्था थोपने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब राहुल गांधी लगातार भाजपा और उद्योगपतियों के बीच कथित गठजोड़ को मुद्दा बनाकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

BJP बनाम राहुल गांधी: निशिकांत दुबे ने साधा निशाना
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दुबे ने राहुल गांधी से सवाल पूछा कि क्या उनकी दादी, इंदिरा गांधी, उस समय देश की प्रधानमंत्री नहीं थीं जब 2 जून 1971 को संसद में केवल एक ही कंपनी-टाटा को केमिकल उत्पादन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी?
निशिकांत दुबे ने लिखा "राहुल गांधी जी, आपकी कांग्रेस और व्यापारियों की मिलीभगत के चर्चे जगजाहिर हैं। क्या आपकी दादी इंदिरा जी, जो उस समय शायद प्रधानमंत्री थीं, ने 2 जून 1971 को केवल एक कंपनी-टाटा को ही केमिकल बनाने की जिम्मेदारी नहीं दी थी?"
राहुल गांधी जी आपकी कांग्रेस और व्यापारियों के साथ साठगांठ के साथ मौज
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) July 13, 2025
1. आपकी दादी इंदिरा जी ही शायद प्रधानमंत्री थी,2 जून 1971 संसद में जबाब केमिकल बनाने का ज़िम्मा केवल एक कम्पनी टाटा को ?
2. कांग्रेस का मतलब राजा लाइसेंस,परमिट,कोटा राज
गांधी परिवार का काला सच pic.twitter.com/Xz4C5u1kCN
"लाइसेंस, परमिट और कोटा का काला सच": Nishikant Dubey
दुबे ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश में "लाइसेंस, परमिट और कोटा" की व्यवस्था को लागू कर देश की अर्थव्यवस्था को जकड़ कर रखा था। उन्होंने लिखा,, "कांग्रेस मतलब लाइसेंस, परमिट और कोटा का शासन। गांधी परिवार का काला सच।"
उनके इस बयान को कांग्रेस पर किए गए उस पलटवार के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें राहुल गांधी ने भाजपा और उद्योगपतियों के बीच गहरे रिश्तों की बात कही थी।
राहुल गांधी के इस बयान पर मचा हंगामा
दरअसल, दुबे की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने ओडिशा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर गरीबों का शोषण करने का आरोप लगाया था।
दरअसल, राहुल गांधी ने शुक्रवार 11 जुलाई को भुवनेश्वर में एक रैली में कहा था कि "ओडिशा की सरकार का एक ही काम है-गरीबों से संपत्ति छीनकर अमीरों को देना। पहले बीजेडी सरकार यही करती थी, अब भाजपा सरकार कर रही है। एक तरफ हैं ओडिशा के गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े, किसान और मजदूर, और दूसरी तरफ हैं 5-6 अरबपति और भाजपा की सरकार। यही असली लड़ाई है। इसे केवल कांग्रेस कार्यकर्ता और ओडिशा की जनता मिलकर जीत सकते हैं।"
जगन्नाथ यात्रा को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि ओडिशा में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान रथों को उद्योगपति गौतम अडानी के लिए रोका गया। राहुल गांधी ने BJP पर तंज कसते हुए कहा कि "अडानी ओडिशा सरकार चलाते हैं। अडानी नरेंद्र मोदी को चलाते हैं। जब ओडिशा में जगन्नाथ यात्रा निकलती है, जब लाखों लोग भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचते हैं, तब एक नाटक होता है-रथों को अडानी और उनके परिवार के लिए रोक दिया जाता है। यही सच्चाई है इस सरकार की।"
देश में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक जुबानी जंग तेज होती जा रही है। एक तरफ राहुल गांधी लगातार भाजपा सरकार पर कॉरपोरेट घरानों से सांठगांठ के आरोप लगा रहे हैं, वहीं भाजपा कांग्रेस पर अतीत में उद्योगपतियों के पक्ष में नीतियां बनाने के आरोप मढ़ रहे हैं।












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