कोरोना वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा बढ़ा, ICMR की नई रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
पिछले 12 घंटों के भीतर ही कोरोना वायरस के 547 नए केस सामने आ चुके हैं, जबकि 30 लोगों की मौत हुई है...
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 12 घंटों के भीतर ही कोरोना वायरस के 547 नए केस सामने आ चुके हैं, जबकि 30 लोगों की मौत हुई है। अभी तक के आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़कर 6000 के पार पहुंच गई है। कोरोना वायरस के इसी बढ़ते संकट के बीच कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा भांपने के लिए इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) कुछ हफ्तों से अलग-अलग राज्यों में रेंडम सैंपल टेस्ट कर रही है। रेंडम सैंपल टेस्ट के बाद आईसीएमआर के इस बार के आंकड़ों में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की आशंका के संकेत मिले हैं।

5911 मामलों में 104 मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव
15 फरवरी से 2 अप्रैल के बीच के पांच हफ्तों में आईसीएमआर ने कोरोना वायरस की जांच के लिए गंभीर सांस संबंधी बीमारियों के 5911 रोगियों के टेस्ट किए। इन 5911 मामलों में 1.8 फीसदी यानी 104 मरीजों की कोरोना वायरस टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। ये पॉजिटिव केस 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 52 जिलों में पाए गए। इनमें से 39.2 फीसदी यानी 40 पॉजिटिव केस ऐसे थे, जिनकी ना तो कोई विदेश ट्रेवल हिस्ट्री थी और ना ही ये लोग विदेश से लौटे लोगों के संपर्क में आए थे। ये केस देश के 15 राज्यों के 36 जिलों में मिले।

गुजरात से लिए गए 792 सैंपल
आईसीएमआर के डेटा के मुताबिक, गुजरात से गंभीर सांस संबंधी बीमारियों के 792 सैंपल लिए गए, जिनमें से 13 केस कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए। तमिलनाडु से गंभीर सांस संबंधी बीमारियों के 577 सैंपल लिए गए, जिनमें से 5 केस पॉजिटिव मिले। इसके अलावा महाराष्ट्र से ऐसे ही मरीजों के 553 सैंपल लेकर टेस्ट किए गए और यहां 21 सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जबकि, केरल में गंभीर सांस संबंधी बीमारियों के 502 मरीजों की जांच की गई और यहां एक मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित मिला।
Recommended Video

इन जिलों में विशेष नियंत्रण की जरूरत
आईसीएमआर की रिपोर्ट कहती है कि इन जिलों में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने की गतिविधियों को प्राथमिकता देने की जरूरत है। रिपोर्ट बताती है कि पॉजिटिव मरीजों में महज एक केस ऐसा मिला, जिसकी ट्रेवल हिस्ट्री थी और एक केस ऐसा मिला, जो कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आया था। 59 पॉजिटिव मरीज ऐसे थे, जिनके बाहर जाने या ना जाने के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी। वहीं, 14 मार्च से पहले की आईसीएमआर रिपोर्ट में किसी भी गंभीर सांस संबंधी बीमारी के रोगी में कोरोनावायरस का टेस्ट पॉजिटिव नहीं मिला।

दो सप्ताह पहले नहीं थे कम्युनिटी ट्रांसमिशन के संकेत
टेस्टिंग पॉलिसी बदलने के बाद और इसमें गंभीर सांस संबंधी बीमारियों के रोगियों को शामिल करने के बाद 15 मार्च और 21 मार्च से पहले 106 मरीजों में केवल 2 मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले। 22 मार्च से 28 मार्च के बीच 2877 मरीजों के सैंपल लेकर टेस्ट किए गए, जिनमें से 48 मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। आईसीएमआर की दूसरी रिपोर्ट में भी 50 साल से ऊपर की उम्र वाले लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण के केस ज्यादा मिले। यहां यह बात गौर करने लायक है कि दो सप्ताह पहले ICMR ने भारत में किसी भी तरह के कम्युनिटी ट्रांसमिशन के संकेत से इनकार किया था।












Click it and Unblock the Notifications