संसद में भिड़ेंगे, बाहर गले मिलेंगे
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) संसद के मानसून सत्र के चालू होते ही शुरू हो जाएगा संसद में हंगामा और बहिष्कार का सिलसिला। पर, आपस में लड़ने वाले सांसद संसद भवन से निकलते ही गले मिलने लगते हैं। सबका एक दूसरे से खूब प्रेम रहता है।
जेटली के कांग्रेसी ससुर
इन बहुत से सांसदों की तो आपस में रिश्तेदारियां भी हैं। वित्तमंत्री अरुण जेटली जम्मू कश्मीर में 26 बार बजट पेश कर चुके गिरधारी लाल डोगरा के दामाद हैं। डोगरा कांग्रेस के बड़े नेता थे।
राजीव शुक्ला के साले
मौजूदा केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद यूपीए की मनमोहन सरकार में राज्य मंत्री रह चुके राजीव शुक्ल के साले हैं। रविशंकर प्रसाद की बहन अनुराधा प्रसाद पत्नी हैं राजीव शुक्ला की।
कीर्ति आजाद के पिता
भाजपा के मुखर सांसद कीर्ति आजाद के पिता भगवत झा आजाद बिहार के कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे। जाहिर है, इसके चलते कीर्ति के तमाम कांग्रेसी नेताओं से गहरे निजी संबंध हैं। और तो और आप पार्टी के दिल्ली में कानून मंत्री कपिल मिश्र की माता अन्नपूर्णा मिश्र भाजपा कोटे से पूर्वी दिल्ली नगर निगम की मेयर रह चुकी हैं।
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वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल कहते हैं कि इस तरह के संबंधों के बावजूद फिर हमारे माननीय सांसद आपस में लड़ते क्यों हैं? बहनोई के घर चले गए टीका कराने अथवा ससुर के घर पर जाकर नातेदारी निभा आए। सारी समस्याएं हल। तेरा दामाद आखिर मेरा भी तो कुछ लगता ही है। ननद का नन्दोई ही सही!
हालांकि कुछ संबंधी आपसे में बात भी नहीं करते। उदाहरण के रूप में सोनिया गांधी तथा मेनका गांधी देवरानी जेठानी होने के बावजूद एक-दूसरे से संसद के अंदर बाहर मधुर संबंध नहीं रखते। दोनों के सांसद पुत्रों राहुल गांधी तथा वरुण गांधी में भी कोई संबंध नहीं है।













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