कोयला मंत्री बोले- कोयला संकट के लिए राज्य जिम्मेदार हैं, जल्द खत्म होगी किल्लत, हमने रिकॉर्ड आपूर्ति की
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर। भारत में कोयले की कमी के कारण बिजली आपूर्ति पर संभावित संकट जताया जा रहा है। केंद्र सरकार इस संकट से निपटने के लिए प्रयास में जुटी हुई है। इसी बीच कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने ये तो स्वीकारा हैं कि बारिश के कारण कोयले की कमी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने इस कोयले की कमी के लिए राज्यों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने ये भी कहा कि हमने जनवरी से लेकर जुलाई तक राज्यों से कोयला स्टॉक बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने नहीं किया।

Recommended Video
कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा चिंता करने की जरूरत नहीं है। बारिश के कारण कोयले की कमी हो गई है जिससे कोयले की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में 60 रुपये प्रति टन से 190 रुपये प्रति टन की वृद्धि हुई। अधिक बारिश की वजह से सप्लाई और प्रोडक्शन में थोड़ी कमी आई थी। आयातित कोयला बिजली संयंत्र या तो 15-20 दिनों के लिए बंद हो जाते हैं या बहुत कम उत्पादन करते हैं। इससे घरेलू कोयले पर दबाव पड़ा है।
इसी के साथ उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यों से इस साल जून तक हमने उनसे स्टॉक बढ़ाने का अनुरोध किया, उनमें से कुछ ने कहा कि "कृपया एक एहसान करें" 'अभी कोयला मत भेजो।
मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कल हमने 1.94 मिलियन टन की आपूर्ति की, घरेलू कोयले की अब तक की सबसे अधिक आपूर्ति थी। इतिहास में ये घरेलू कोयले की सबसे ज़्यादा सप्लाई किया गया है। जहां तक राज्यों का सवाल है। उन्होंने कहा 15-20 दिनों में कोयले का स्टॉक बढ़ने लगेगा। कई राज्यों के पास कैप्टिव कोयला खदान हैं उसका भी उन्होंने इस्तेमाल नहीं किया।केंद्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा हमने अपनी आपूर्ति जारी रखी है, यहां तक कि बकाया के बावजूद अतीत में भी जारी रखा है। हम उनसे (राज्यों से) स्टॉक बढ़ाने का अनुरोध कर रहे हैं... कोयले की कमी नहीं होगी।












Click it and Unblock the Notifications