'No CAA, No NRC, खून बहाने को तैयार हूं', ईद मुबारक बोल CM ममता ने कही बड़ी बात, BJP ने किया पलटवार
Mamata Banerjee News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईद-उल-फितर पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वो 'देश के लिए जान दे देंगी लेकिन सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) लागू नहीं होने देंगी।
सीएम ममता बनर्जी कोलकाता की रेड रोड में आयोजित ईद की नमाज पर आयोजित कार्यक्रम (11 अप्रैल) में शामिल हुई थीं, जहां उन्होंने ये बयान दिया है।

सीएम ममता बनर्जी ने कहा,
"ईद मुबारक, यह खुशियों की ईद है। यह ताकत देने की ईद है। इस ईद को एक महीने तक उपवास करके मनाना बहुत बड़ी बात है...। हम देश के लिए खून बहाने और जान देने के लिए तैयार हैं लेकिन अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेगा। कुछ भी हो जाए मैं बंगाल में सीएए और एनआरसी लागू नहीं होने दूंगी। मुझे सर्वधर्म समभाव चाहिए, नो एनआरसी, नो सीएए।''
चुनाव के दौरान, कुछ लोग दंगे कराने की कोशिश करेंगे: सीएम ममता बनर्जी
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि ''सीएए, एनआरसी और समान नागरिक संहिता को हम कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान आप लोगों को थोड़ा सावधान रहना चाहिए...आप कहीं किसी साजिश का शिकार न हो जाए। चुनाव के दौरान, कुछ लोग दंगे कराने की कोशिश करेंगे, इसलिए साजिश का शिकार न बनें।' सीएम ममता बनर्जी ने कहा, "अगर हम एकजुट होकर रहेंगे तो कोई हमें नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा।"
ममता बनर्जी के बयान पर BJP नेता रविशंकर प्रसाद का पलटवार
सीएम ममता बनर्जी के बयान पर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि, ''बीजेपी पहले ही पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर चुकी है। सीएए का एनआरसी से कोई लेना-देना नहीं है। क्या वह (ममता बनर्जी) नहीं चाहतीं कि बांग्लादेश से प्रताड़ित हिंदुओं को जगह मिले क्या वह देश में सिर्फ रोहिंग्याओं की रक्षा करना चाहती है या संदेशखाली के शाहजहां शेख जैसे लोगों की? बीजेपी पश्चिम बंगाल में टीएमसी को बुरी तरह हरा देगी और राज्य के चुनावी नतीजे हैरान करने वाले होंगे।''
अमित शाह भी CAA को लेकर ममता बनर्जी पर साध चुके हैं निशाना
ममता बनर्जी ने पहले राज्य में सीएए लागू नहीं करने की कसम खाई थी और लोगों को चेतावनी दी थी कि सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने से उन्हें विदेशी घोषित कर दिया जाएगा।
ममता बनर्जी के सीएए के बयाम पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रतिक्रिया दी थी। अमित शाह ने कहा था, ''ये बस आम जनता को गुमराह करने और वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को सुविधा देने की एक कोशिश है। शरणार्थियों को बिना किसी आशंका के नागरिकता के लिए आवेदन करना चाहिए।''












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