चार्टर्ड विमान से झारखंड के प्रवासी मजदूरों को वापस लाना चाहते हैं सीएम हेमंत सोरेन, अमित शाह से मांगी अनुमति

नई दिल्ली। कोरोना वायरस संकट में लॉकडाउन के चलते पिछले 2 महीने से प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है। नौकरी जाने से आजीविका की समस्या का सामना कर रहे विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूर किसी तरह अपने घरों को पहुंच रहे हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए अब गृह मंत्री अमित शाह से चार्टर्ड विमान के संचालन की अनुमति मांगी है। उन्होंने अमित शाह को पत्र लिखकर लद्दाख और उत्तर-पूर्वी राज्यों के दुर्गम इलाकों में फंसे लगभग 900 प्रवासी कामगारों को वापस लाने के लिए चार्टर्ड उड़ानों को चलाने की अनुमति मांगी है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उठाया बड़ा कदम

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उठाया बड़ा कदम

गौरतलब है कि झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में मजदूर दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रोजगार की तलाश में पहुंचते हैं। कोरोना वायरस के चलते अब उन्हें दोहरे संकट का सामना करना पड़ रहा है। देशव्यापी लॉकडाउन के चलते उनकी नौकरी चली गई है जिसके बाद से उन्हें जीविका चलाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लाखों की संख्या में मजदूर पैदल ही अपने घरों की ओर पलायन कर रहे हैं। झारखंड के प्रवासी मजदूरों के लिए उनके मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा कदम उठाया है।

श्रमिकों का खर्च उठाने की भी बात कही

श्रमिकों का खर्च उठाने की भी बात कही

20 मई को गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में झारखंड सरकार की ओर से कहा गया है कि वह प्रवासी श्रमिकों को घर वापस भेजने की पूरी लागत वहन करने जा रही है। बता दें कि केंद्र सरकार को लिखा सीएम सोरेन का पत्र एक राजनीतिक संदेश देने वाला है। बता दें कि हाल ही नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिक को विशेष श्रमिक ट्रेनों में उनके गृह राज्य भेजने के लिए टिकटों के पैसे लेने के निर्णय के बाद केंद्र विवादों में घिर गई थी। इस कदम के साथ झारखंड पहला राज्य बन गया है जो फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों को वापस लेने की अनुमति मांग रहा है।

चार्टर्ड विमानों के संचालन की मांगी अनुमित

चार्टर्ड विमानों के संचालन की मांगी अनुमित

अपने पत्र में सीएम हेमंत सोरेन ने लिखा, 'लद्दाख और उत्तर-पूर्वी राज्यों के दुर्गम इलाकों के कारण ट्रेन या बस द्वारा मजदूरों को वापस लाना बेहद मुश्किल है। इस स्थिति में वायु यात्रा उनके लिए बेहतर विकल्प साबित होगा। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यह संभव नहीं है क्योंकि गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए लॉकडाउन आदेशों से सेवा और चार्टर्ड उड़ानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं है। बता दें कि इससे पहले झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने 12 मई को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला को पत्र लिखकर राज्य के फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप के लिए एक चार्टर्ड उड़ान चलाने की अनुमति मांगी थी।

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