CJI Surya Kant के लंदन कार्यक्रम में हुआ जमकर बवाल, आगबबूला हुआ भारत, क्या है पूरा मामला
CJI Surya Kant London Lecture Disruption: भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत के लंदन में आयोजित एक लेक्चर के दौरान जमकर हंगामा हुआ। कुछ लोगों ने बीच में शोर मचाया तो कुछ ने भारत के सीजेआई से तीखे सवाल पूछने शुरू किए। कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश हुई और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
वहीं अब भारतीय उच्चायोग ने लंदन के कार्यक्रम में मौजूद लोगों के इस बर्ताव पर नाराजगी जताई है। इसे 'अमर्यादित और अशिष्ट' व्यवहार बताया है। उच्चायोग ने सख्त लहजे में विरोध दर्ज करवाते हुए कहा, सार्वजनिक मंच पर ऐसी हरकत स्वीकार्य नहीं है। भविष्य में इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

बता दें जस्टिस सूर्यकांत ब्रिटेन के छह दिवसीय दौरे पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने एक सम्मेलन में हिस्सा लिया। यह भारत-ब्रिटेन आर्थिक साझेदारी से जुड़ा कार्यक्रम था। विवाद के बावजूद वे दौरे पर बने हुए हैं। इससे पहले गुरुवार को एक कार्यक्रम में उनके लेक्चर के बाद बवाल हुआ।
जस्टिस सूर्यकांत से जुड़ा क्या है पूरा मामला?
जस्टिस सूर्यकांत के साथ यह घटना बर्बेक कॉलेज, लंदन में हुई। गुरुवार को जस्टिस सूर्यकांत वहां पहुंचे थे। 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेशनल लॉ' पर लेक्चर दिया। लेक्चर खत्म होने के बाद सवाल-जवाब शुरू हुए। तभी माहौल अचानक से गर्म हो गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
क्यों हुआ विरोध?
कार्यक्रम में मौजूद एक शखस ने लोकतांत्रिक माहौल पर सवाल उठाया। उसने 'असहमति' और सीजेआई के सुप्रीम कोर्ट में युवाओं और बेरोजगाराे को 'कॉकरोच' कहे जानी वाली टिप्पणी का जिक्र किया। कार्यक्रम के मॉडरेटर ने उसे बीच में रोका। उन्होंने सवाल को विषय से अलग बताया। इस बात से वहां कुछ देर तक जमकर हंगामा हुआ।
भारत हुआ नाराज बोला- ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं
भारतीय उच्चायोग ने बयान जारी कर आपत्ति जताई। उन्होंने इस व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना और अशिष्ट बर्ताव करार दिया। भारत ने कहा, ऐसा खराब बर्ताव कतई स्वीकार नहीं है। सार्वजनिक मंच पर यह सब बिल्कुल गलत है। उच्चायोग ने सख्त संदेश दिया कि बातचीत हमेशा सम्मानजनक दायरे में होनी चाहिए। लोकतांत्रिक समाज में मतभेद होना स्वाभाविक है। इसे सभ्य तरीके से सामने रखना चाहिए।
लंदन लेक्चर में क्या बोले CJI?
विवाद से पहले जस्टिस सूर्यकांत ने भाषण दिया। उन्होंने तकनीक और न्याय व्यवस्था पर बात रखी। तकनीक अपने आप में अच्छी या बुरी नहीं। समाज इसका इस्तेमाल कैसे करता है, यह अहम है। कानून को संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करनी होगी। मानवीय गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए।
CJI सूर्यकांत का क्या था कॉकरोच वाला बयान?
दरसअल, सुप्रीम कोर्ट में एक केस की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं और एक्टिविस्ट्स को 'कॉकरोच' कहा था और कुछ लोगों को समाज के लिए 'परजीवी' बताया। उनका कहना था कि ये लोग व्यवस्था पर हमला करते हैं। बेरोजगार युवा हताश होकर ऐसा बर्ताव करने लगते हैं।
CJI के अनुसार देश में कुछ लोग हानिकारक हैं। उन्होंने युवाओं पर सीधा निशाना साधा। कहा कि नौकरी न मिलने पर वे बदल जाते हैं। वे मीडिया और सोशल मीडिया पर हमला करते हैं। आरटीआई कार्यकर्ता बनकर वे सबको परेशान करते हैं। CJI के बेरोजगार वाले बयान पर गदर! रातों-रात बनी Cockroach Janta Party, 20 लाख लोग जुड़े! फाउंडर दीपके कौन?
बयान के विरोध में बन गई कॉकरोच जनता पार्टी
इस बयान के बाद विपक्षी नेताओं ने सीजेआई को चिट्ठी लिख कर सवाल उठाए। वहीं सोशल मीडिया पर हंगामा शुरू हो गया और लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। विरोध स्वरूप 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम का डिजिटल ग्रुप बन गया। जो शनिवार को जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक समेत अन्य मुद्दों पर प्रदर्शन भी किया।
CJI सूर्यकांत ने दी थी ये सफाई
हालांकि बवाल मचने पर सीजेआई ने कहा था कि उनके बयान का गलत मतलब लगाया गया। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मेरी आलोचना बेरोजगार युवाओं के खिलाफ नहीं थी, बल्कि उन लोगों के खिलाफ थी जो फर्जी या जाली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशे में घुस आए हैं और संस्थाओं को बदनाम करते हैं।













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