सीजेआई रंजन गोगोई बोले- जरूरत पड़ी तो मैं भी जा सकता हूं जम्मू-कश्मीर
Recommended Video
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को जम्मू-कश्मीर से जुड़ी 8 याचिकाओं पर सुनवाई हुई। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद की याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें पेश कीं। इन दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने गुलाम नबी आजाद को श्रीनगर, बारामुला, अनंतनाग और जम्मू के दौरे पर जाने की इजाजत दे दी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने ये भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे भी जम्मू-कश्मीर के दौरे पर जा सकते हैं।

गुलाम नबी आजाद को श्रीनगर जाने की इजाजत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश भी दिया कि कांग्रेस नेता किसी राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाएंगे और ना ही वहां कोई भाषण देंगे। इसके अलावा सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि अगर जरूरी हुआ तो वे भी जम्मू-कश्मीर के दौरे पर जा सकते हैं। इसके पहले, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि गुलाम नबी आजाद 6 बार के सांसद हैं और पूर्व मुख्यमंत्री हैं फिर भी उनको श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया।
सिंघवी ने कहा कि गुलाम नबी आजाद ने 8,20 और 24 अगस्त को वहां जाने की कोशिश की। गुलाब नबी आजाद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका देकर अपने परिवार से मिलने की इजाजत मांगी थी। बता दें कि 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला किया था। इसके बाद से बाहरी नेताओं को घाटी में जाने की इजाजत नहीं दी है। जबकि जम्मू-कश्मीर के कई नेताओं को नजरबंद कर लिया गया है।
पहले, गुलाम नबी आजाद को श्रीनगर एयरपोर्ट से ही दिल्ली वापस भेज दिया गया था। इसके बाद विपक्ष के 11 नेता भी श्रीनगर पहुंचे थे लेकिन एयरपोर्ट से ही उनको वापस भेज दिया गया था। श्रीनगर जाने वाले इन नेताओं में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल थे। जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा एयरपोर्ट से आगे जाने की अनुमति ना मिलने पर इन नेताओं ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था और कहा था कि कश्मीर में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।












Click it and Unblock the Notifications