CAA Protest: CAA के विरोध में असम में हड़ताल करने वालों की खैर नहीं, पुलिस ने नोटिस भेजकर चेताया
Citizenship Amendment Act (CAA): असम में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के विरोध में हड़ताल के लिए आह्वान करने वाले संगठनों को पुलिस ने चेतावनी दी है। गुवाहाटी पुलिस ने उन संगठनों को कानूनी नोटिस भेजा है, जिन्होंने सीएए के विरोध में असम में हड़ताल का आह्वान किया है।
असम में सीएए के विरोध में 16-पक्षीय संयुक्त विपक्षी मंच, असम (यूओएफए) ने चरणबद्ध तरीके से मंगलवार यानी आज 12 मार्च को राज्यव्यापी हड़ताल करने की घोषणा की है।

असम पुलिस ने कहा- सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाई तो वसूलेंगे पैसे
असम में पुलिस ने आंदोलनकारी को चेतावनी देते हुए कहा है कि, 'हड़ताल' के कारण रेलवे और नेशनल हाइवे संपत्तियों सहित सार्वजनिक/निजी संपत्ति को कोई नुकसान या किसी भी नागरिक को चोट लगने पर भारतीय सहित कानून के उचित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
नोटिस में ये भी कहा गया कि, आपके खिलाफ दंड संहिता और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 के तहत कार्रवाई की जाएगी और सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान की कुल लागत आपसे और आपके संगठन से वसूली जाएगी।
What is CAA: क्या है संशोधित नागरिकता कानून (सीएए)
केंद्र सरकार ने सोमवार (11 मार्च) को सीएए को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सीएए 2019 में केंद्र सरकार के संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को संसद में पारित किया गया था। जिसके चार सालों बाद केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
सीएए कानून की तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए प्रताड़ित शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी। लेकिन इस कानून में मुसलमान शरणार्थियों को नागरिकता नहीं देने का प्रावधान है। भारत की सरकार अब तीन देशों के सताए हुए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय राष्ट्रीयता प्रदान करना शुरू कर देगा।
बता दें कि सीएए जब 2019 में लाया गया था तो इसको लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। विपक्षी नेताओं का कहना था कि ये का नून 'खुले तौर पर मुसलमानों के साथ भेदभाव करने वाला है, जो हमारे संविधान के विपरीत है।'












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