Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

चीन की पनडुब्‍बी श्रीलंका में- जानिए क्यों चिंतित है भारत

बैंगलोर। [डॉक्‍टर अनंत कृष्‍णन एम]। श्रीलंका के नेवी प्रमुख वाइस एडमिरल जयंत परेरा सोमवार को नई दिल्‍ली में थे। भारत के लिए उनका दौरा काफी अहम था क्‍योंकि पिछले माह चीन नौसेना की सबसे ताकतवर टाइप-039 सबमरीन को कोलंबो में देखा गया था। भारतीय महाद्वीप क्षेत्र में चीन की पहुंच भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

chinese submarine in srilanka

क्‍या कहा श्रीलंकाई नौसेना प्रमुख ने

वहीं जब श्रीलंकन नौसेना के प्रमुख वाइस एडमिरल नई दिल्‍ली पहुंचे और उन्‍होंने भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आरके धवन से मुलाकात की तो उन्‍होंने इस बात से साफ इंकार कर दिया कि उनके क्षेत्र में चीन की सेना की मौजूदगी किसी भी तरह से है।

वाइस एडमिरल जयंत की मानें तो भारत की सुरक्षा श्रींलका की सुरक्षा है। इसके साथ ही जयंत ने भारत को इस बात पर यकीन करने के लिए भी कहा कि श्रीलंका और चीन के बीच आपसी सहयोग पूरी तरह से प्राकृतिक है।

वाइस एडमिरल परेरा ने इसके साथ ही यह भी कहा कि चीन की जो सबमरीन कोलंबो में थी वह न्‍यूक्लियर सबमरीन नहीं थी। वहीं भारत में रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो चीन की इस सबमरीन की श्रीलंका में मौजूदगी से भारत पर कई तरह के प्रभाव हो सकते हैं।

अशांति और युद्ध का खतरा

रिटायर्ड कमांडर रॉय फ्रांसिस इस पूरे मसले पर कहते हैं कि भारतीय महाद्वीप क्षेत्र में इस पनडुब्‍बी का आना वैसे तो रणनीति के जानकारों लिए ज्‍यादा
आश्‍चर्यजनक बात नहीं है लेकिन यह आने वाले भविष्‍य में एक बड़ा खतरा हो सकता है।

उन्‍होंने कहा जमीन सीमाओं पर चीन के घुसपैठ की खबरें अक्‍सर ही मीडिया के लिए चिंता का विषय होती हैं और हर बार इन खतरों पर गौर भी किया गया है। लेकिन अब समंदर में चीन की गतिविधियां भी कम गंभीर नहीं हैं।'

उन्‍होंने आगे कहा शांति के समय के बीच ही किसी भी देश की वॉरशिप विदेशी सीमा में उस देश के दूत की तरह होती है। अब जबकि इंडियन नेवी काफी शा‍लीनता के साथ बर्ताव कर रही है, तो चीन की इस सबमरीन ने अपनी दस्‍तक दे दी है।'

कमांडर रॉय फ्रांसिस के मुताबिक जिन माध्‍यमों से सबमरीन का संचालन होता है, उससे वह पानी के अंदर भी मुसीबत पैदा कर, शांति भंग कर युद्ध का आमंत्रण दे सकती हैं।

कमांडर रॉय फ्रांसिस कोच्चि में भारतीय नौसेना के जनसंपर्क अधिकारी के तौर पर तैनात थे।

भारत के आसपास दखल बढ़ाता चीन

उन्‍होंने अंदेशा जताया कि इस सबमरीन की मौजूदगी चीन की 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्‍स,' की थ्‍योरी के ही अनुरुप है। अपनी इस थ्‍योरी के तहत चीन भारत के आसपास के मौजूद एशिया के कई पोर्ट्स पर अपना अधिकार एक-एक करके बढ़ाता जा रहा है।

रॉय फ्रांसिस की मानें तो पाकिस्‍तान के ग्‍वादर पोर्ट में चीन का हित किसी से भी छिपा नहीं है और म्‍यांमार और श्रीलंका में मौजूद बाकी बंदरगाहों के लिए भी चीन का दखल उसके कई हितों को पूरा करने के लिए है।

कमांडर फ्रांसिस के मुताबिक भारत आने से पहले चीन के राष्‍ट्रपति ने श्रीलंका और मालद्वीव का दौरा किया था। उनके इन दौरों पर भारत दौरे की तरह ज्‍यादा ध्‍यान लोगों का नहीं गया और इनके बारे में ज्‍यादा बात भी किसी ने नहीं की।

श्रीलंका ने नजरअंदाज किया भारत को

कमांडर फ्रांसिस ने श्रीलंका पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्‍या श्रीलंका को इस बात का जरा भी इल्‍म नहीं था कि वह उनके यहां चीन की सबमरीन मौजूद है और क्‍या उसे इस पूरे मु्द्दे पर भारत की संवेदनशीलता पर भी ध्‍यान नहीं दिया?

उन्‍होंने कहा कि अब समय आ गया है जब भारत को अपने पड़ोसी देशों को सख्‍त संदेश दे देना चाहिए कि वह अब इस चीनी कार्ड का प्रयोग भारत के लिए करना बंद कर दें।

कमांडर फ्रांसिस ने जानकारी दी कि किसी भी देश की सबमरीन उस देश की नौसेना और देश की शांति का सबसे बड़ा गौरव होती है। चीन के पास इस समय 50 सबमरीन हैं और उपमहाद्वीप इलाके में उसके पास सिर्फ एक वॉरशिप है।

क्‍यों श्रीलंका, चीन के लिए अहम

वहीं दिल्‍ली स्थित डिफेंस स्‍टडीज एंड एनालिसिस इंस्‍टीट्यूट आईडीएसए में बतौर रिसर्च असिस्‍टेंट अपनी सेवाएं देने वाले अविनाश गादबोले की मानें तो चीन श्रीलंका को अपना सबसे अहम रणनीति साझीदार मानता है।

इसकी कई वजहें हैं जिसमें से एक है कि यह चीन के एशियाई क्षेत्र मैरिटाइम सिल्‍क रोड यानी एमएसआर रणनीति का आखिरी पड़ाव है। दूसरी इस क्षेत्र में श्रीलंका वह देश है जो इसकी वॉरशिप्‍स को ईधन मुहैया कराने वाले क्षेत्र के तौर पर काम कर सकता है।

यह शिप एंटी-पाइरेसी में काफी बड़ा रोल अदा करती हैं और चीन यहां पर अपना प्रभुत्‍व कायम करना चाहता है। भारत को इन सारे घटनाक्रमों पर काफी करीब से नजर रखनी होगी।

भारत की चार शिप फ्रांस में

वहीं नेवी के प्रवक्‍ता कैप्‍टन डीके शर्मा ने जानकारी दी कि चार में से तीन शिप, आईएनएस मुंबई, आईएनएस तलवार और आईएनएस दीपक सोमवार को फ्रांस के रियूनियन आईलैंड के डेनिस पोर्ट पर पहुंच गई हैं।

यह शिप भारत और फ्रांस के बीच मेरिटाइम सिक्‍योरिटी के क्षेत्र में बाइलिट्ररल संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+