Chhawla Rape Case: सुप्रीम कोर्ट ने पलटा मौत की सजा का फैसला, तीनों आरोपियों को किया बरी
दिल्ली की एक अदालत ने छावला इलाके में एक 19 वर्षीय युवती से दुष्कर्म और उसकी हत्या करने के मामले में तीन को दोषी ठहराया था। अदालत की तरफ से तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। लेकिन अब मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीनों दोषियों को बरी कर दिया है।

खेत मिली थी युवती की लाश
युवती की लाश क्षत-विक्षत अवस्था में एक खेत में मिली था। जांच में कार के औजारों से लेकर मिट्टी के बर्तनों से हमले की वजह से चोट आने की बात कही गई थी। मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली की एक अदालत ने फरवरी 2014 में 19 वर्षीय युवती से दुष्कर्म और हत्या करने के लिए तीन लोगों को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी।
दफ्तर से लौटते वक्त युवती को कर लिया था किडनैप
26 अगस्त, 2014 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने मौत की सजा की पुष्टि करते हुए कहा कि वे "शिकारी" थे और सड़कों पर इसी इरादे से टहल रहे थे। आपको बता दें कि रवि कुमार, राहुल और विनोद कुमार ने दफ्तर से घर लौटते वक्त युवती का अपहरण कर लिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि तीनों ने अपहरण के बाद युवती से दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के रोधई गांव में एक खेत में फेंक दिया।
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