जांच दल को नशे में धुत मिली महिला टीचर, बोली- ये हमारी संस्कृति, देवता भी पीते थे
बस्तर। छत्सीगढ़ के बस्तर जिले में जांच दल ने महिला टीचर को स्कूल में शराब पीते हुए पकड़ा है। हद तो ये है कि ये शिक्षिका तब भी शराब पी रही थी, जब जांच दल स्कूल स्टाफ के साथ मीटिंग कर रहा था। इतना ही नहीं जब जांच दल के अधिकारियों ने शिक्षिका को इसके लिए डांटा तो वो उनसे भिड़ गई और उन्हीं को खरी-खोटी सुना दी। इंस्पेक्शन टीम ने आरोपी महिला टीचर फुलेश्वरी देवी को सस्पेंड करने की सिफारिश बस्तर कलेक्टर को भेजी है।

एसडीएम और तहसीलदार ने की जांच
इलाके के एसडीएम, तहसीलदार और दूसरे अफसरों की टीम क्षेत्र के स्कूलों की जांच के लिए निकली हुई थी। इसी दौरान टीम दरभा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंची। इंस्पेक्शन टीम ने स्कूल स्टॉफ की बैठक बुलाई और स्टाफ रूम में स्कूल में समस्याओं को लेकर मीटिंग करने लगे। स्कूल स्टॉफ के साथ बैठक चल रही थी कि शराब की बदबू आने लगी। अफसरों का पारा इस पर चढ़ गया। उन्हें लगा कोई बाबू या अध्यापक शराब पीकर आया है लेकिन सब उस वक्त चौंक गए, जब पता चला कि बराबर के कमरे में स्कूल की ही अध्यापिका फुलेश्वरी देवी पैग बना रही हैं।

टोकने पर भड़की शिक्षिका
इंस्पेक्शन टीम के अधिकारियों ने शिक्षिका को शराब पीने को लेकर लताड़ लगाई तो वो अफसरों पर ही भड़क गई। उसने कहा कि वो उसे शराब पीने से कैसे रोक सकते हैं, ये तो उनकी संस्कृति का हिस्सा है। फुलेश्वरी देवी ने अफसरों से कहा कि शराब तो देवताओं ने भी पी है। इतना ही नहीं उसने देवताओं के नाम भी गिनाने शुरू कर दिए कि ये भी शराब पीते थे। इस पर जांच दल ने उसे सस्पेंड करने की सिफारिश जिलाधिकारी को कर दी।

रोज ही शराब पीकर आती है महिला टीचर
जांच दल को बताया गया कि आरोपी महिला टीचर रोजाना ही शराब पीकर पढ़ाने आती हैं और अकसर स्कूल में भी पी लेती है। इंस्पेक्शन टीम में मौजूद तहसीलदार शेखर मिश्रा ने स्थानीय थाने से महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया और मेडिकल टेस्ट के लिए उन्हें अस्प्ताल भेज दिया। रिपोर्ट भी आ गई, जिसमें एल्कोहल की पुष्टि हुई। स्कूल स्टॉफ का कहना है कि मैडम फुलेश्वरी शराब पीकर ही पढ़ाने आती हैं, हालांकि उन्होंने कभी भी उत्पात नहीं मचाया।












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