Chhattisgarh News: शासन के 2 वर्ष: जनविश्वास से जनकल्याण तक, छत्तीसगढ़ विकास की राह पर तेज़ी से आगे
छत्तीसगढ़ सरकार ने दो साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है, जिसमें एक व्यापक रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया गया है। मुख्य बातें: 18 लाख परिवारों के लिए आवास स्वीकृति, किसानों के लिए मजदूरी समर्थन, महिला सशक्तिकरण योजनाएं, आदिवासी कल्याण, पारदर्शी भर्ती, माओवादी विरोधी कार्रवाई, बुनियादी ढांचे का विस्तार और ई-कार्यालयों और डिजिटल निगरानी के साथ उन्नत शासन प्रणाली।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्तमान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स में आयोजित प्रेसवार्ता में सरकार के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और उनकी गारंटियों पर विश्वास जताते हुए छत्तीसगढ़ की जनता ने सरकार को सेवा का अवसर दिया, जिसे पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभाया गया है। बीते दो वर्षों में जनता का भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी जारी है, जिससे खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया गया है।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना को ऐतिहासिक पहल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से अब तक 22 किस्तों में 14,306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है, जिससे 13 लाख परिवारों को लाभ मिल रहा है। चरणपादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, प्रतियोगी परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर लागू किया गया और आयु सीमा में छूट दी गई। वर्तमान में 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि माओवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। पिछले दो वर्षों में 505 नक्सली न्यूट्रलाइज हुए, 2386 ने आत्मसमर्पण किया और 1901 गिरफ्तार किए गए। सुरक्षा के साथ-साथ विकास के माध्यम से बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर गांवों में राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल पुनः शुरू हुए हैं और इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना संचालित की जा रही है। राजिम कुंभ कल्प, बस्तर दशहरा और शक्ति पीठों کے विकास को नई भव्यता दी गई है।
सुशासन को सुदृढ़ करने के लिए 400 से अधिक सुधार किए गए हैं। सुशासन एवं अभिसरण विभाग, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-ऑफिस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। 231 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, जनविश्वास अधिनियम लागू हुआ और अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गो सुविधा और औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जीएसटी संग्रह में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 23,454 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। ई-वे बिल सीमा बढ़ाने, 24×7 प्रतिष्ठान संचालन और जिलों में जीएसटी कार्यालय खोलने से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।
शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तकरण से शिक्षक संकट दूर किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई, स्मार्ट क्लास, विद्या समीक्षा केंद्र, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।
युवाओं के कौशल विकास के लिए मॉडल आईटीआई, नवा रायपुर को एजुकेशन सिटी के रूप में विकसित करने, अत्याधुनिक लाइब्रेरी, खेलो इंडिया सेंटर और खेल प्रोत्साहन योजनाएं लागू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के सहयोग से सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक और सामाजिक अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं और खरसिया–परमालकसा रेललाइन को स्वीकृति मिल चुकी है। विशाखापट्टनम और रांची से जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे पर कार्य तेज़ी से चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की 37 परियोजनाएं प्रगतिशील हैं।
उन्होंने बताया कि एयर कनेक्टिविटी का भी व्यापक विस्तार हुआ है। अंबिकापुर एयरपोर्ट का शुभारंभ किया गया है और बिलासपुर, जगदलपुर व अंबिकापुर से नई उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। जशपुर और बलरामपुर हवाई पट्टी के विस्तार के लिए बजट में प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित में 200 यूनिट तक बिजली उपभोग पर सब्सिडी दी जा रही है तथा सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में राज्य सरकार की सब्सिडी भी शामिल है। जल जीवन मिशन के तहत 40 लाख से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है। वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को लेकर ‘अंजोर विजन’ दस्तावेज तैयार किया गया है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की इस गति का लाभ हर नागरिक के जीवन में दिख रहा है। उन्होंने मीडिया के सहयोग के लिए आभार जताते हुए जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी निष्ठा से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करती रहेगी और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए निरंतर कार्य करेगी।












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