छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरा किया अपना वादा, 1 दिसंबर से समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदेगी धान

रायपुर। एक तरफ देश में किसान हिंसक प्रदर्शन करने को मजबूर हैं तो वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने राज्य के किसानों समर्थन मूल्य पर धान खरीदने की घोषणा की है। सरकार की तरफ से ये घोषणा की गई है कि 1 दिसंबर से सरकार किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदने की शुरुआत करने जा रही है। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में धान की खरीद हमेशा से ही राजनीति और सामाजिक मुद्दा रहा है और वैसे भी धान की फसल छत्तीसगढ़ की प्रमुख फसल है। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। इस लिहाज से मुख्यमंत्री का ये फैसला ऐतिहासिक है। इस घोषणा के बाद समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य की दो हजार से अधिक सहकारी समितियों में 21 लाख 48 हजार 606 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें दो लाख 49 हजार 80 नए किसान शामिल हैं।

bhupesh baghel

मुख्यमंत्री ने पूरा किया अपना वादा

आपको बता दें कि भूपेश बघेल ने राज्य की सत्ता संभालने से पहले 2500 रुपए समर्थन मूल्य देने का वादा किसानों से किया था, जिसे अब सरकार पूरा करने जा रही है। इससे पहले सरकार ने राज्य की सत्ता संभालते ही राज्य के 17 लाख 82 हजार किसानों का लगभग 9 हजार करोड़ रूपए का कृषि ऋण माफ कर दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में 2,500 रूपए क्विंटल मूल्य पर राज्य के किसानों से 80.37 लाख मीट्रिक टन और खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर 83.94 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का नया कीर्तिमान रचा था।

सरकार ने 244 करोड़ रूपए का सिंचाई कर भी किया माफ

इसके अलावा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के हित में एक और निर्णय लेते हुए सिंचाई कर को माफ करने का ऐलान किया है। राज्य के 17 लाख से अधिक किसानों पर 244.18 करोड़ रुपए का सिंचाई कर बकाया था, जिसे सरकार ने माफ कर दिया है। इसके साथ ही कृषि भूमि के अधिग्रहण पर मुआवजा राशि को दोगुना से बढ़ाकर चार गुना करने के साथ ही राज्य के 5 लाख से अधिक किसानों को निःशुल्क एवं रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराकर सालाना लगभग 900 करोड़ रूपए की राहत दी गई।

भूपेश बघेल सरकार ने शुरू की गोधन न्याय योजना

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में पशुधन को संरक्षित एवं संवर्धन करने, गांवों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए गोधन न्याय योजना की शुरू की है। 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन से छत्तीसगढ़ राज्य में शुरू हुई गोधन न्याय योजना के जरिए ग्रामीणों, किसानों और गो पालकों से 2 रुपये किलो में गोबर खरीदा जा रहा है। राज्य अब तक 6 हजार 430 गौठान बनाए गए हैं, जहां अब तक 26 लाख 76 हजार क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है, जिसके एवज में सरकार ने पशुपालकों एवं ग्रामीणों को 53 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान किया है।

मंडी अधिनियम में हुआ संशोधन

इसके अलावा केन्द्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर राज्य सरकार ने कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन किया है। 27 अक्टूबर 2020 को छत्तीसगढ़ सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर कर मंडी अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव पारित कर कृषि उपज के क्रय-विक्रय पर निगरानी, डीम्ड मंडी एवं इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की स्थापना का प्रावधान किया। इसके जरिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में किसानों के साथ अन्याय न होने देने के अपने संकल्प को पूरा किया है।

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