Chhangur Baba Conversion Racket Busted: कौन है इधु इस्लाम? छंगुर बाबा के फंड मैनेजर को UP ATS ने दबोचा
Chhangur Baba Conversion Racket Busted: उत्तर प्रदेश पुलिस की एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने एक बार फिर बड़े धर्मांतरण रैकेट में सेंध लगाई है। शनिवार (17 जनवरी 2026) तड़के महाराष्ट्र के नागपुर से छंगुर बाबा के सबसे करीबी सहयोगी इधु इस्लाम (उम्र 40 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई यूपी एटीएस, नागपुर एटीएस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने अंजाम दी।

Who Is Idhu Islam: कौन है इधु इस्लाम? - रैकेट का 'फंड मैनेजर' और लॉजिस्टिक्स हैंडलर
इधु इस्लाम को छंगुर बाबा का दायां हाथ माना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह रैकेट के फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल सपोर्ट का मुख्य प्रबंधक था। नागपुर में रहने वाला इधु इस्लाम एक सोलर कंपनी चलाता है और आशी नगर इलाके में परिवार के साथ रहता था। वह पिछले दो साल से अधिक समय से फरार था और उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश में गंभीर मामलों में गिरफ्तारी वारंट जारी थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छंगुर बाबा ने कई साल पहले नागपुर में अपनी जड़ें जमाई थीं। यहां से वह खुले मैदानों और सार्वजनिक स्थानों पर गतिविधियां चलाता था। बाद में उसने अपना बेस उत्तर प्रदेश शिफ्ट कर लिया, लेकिन इधु इस्लाम महाराष्ट्र में नेटवर्क को मजबूत बनाए रखने वाला प्रमुख व्यक्ति बना रहा। आरोप है कि इधु इस्लाम ने फंड्स का प्रबंधन किया, संपत्तियां खरीदीं और रैकेट की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाई। महाराष्ट्र में पुणे और नागपुर जैसी जगहों पर छंगुर बाबा से जुड़ी संपत्तियों की जांच भी चल रही है।
Chhangur Baba Fund Manager Idhu Islam Arrested: गिरफ्तारी कैसे हुई? - तड़के 5 बजे का सटीक ऑपरेशन
खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त टीम ने नागपुर के पाचपावली थाना क्षेत्र के आशी नगर में सुबह करीब 5 बजे छापेमारी की। एक संकरी गली में इधु इस्लाम को बिना किसी विरोध या हंगामे के हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने से बचने के लिए पूरी सावधानी बरती। ऑपरेशन इतना गोपनीय था कि आरोपी को कोई सुराग तक नहीं मिल सका।
Chhangur Baba Case: छंगुर बाबा रैकेट का पूरा बैकग्राउंड
छंगुर बाबा (असली नाम: जमालुद्दीन, उर्फ करीमुल्लाह शाह) को पिछले साल 5 जुलाई 2025 को उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के माधोपुर गांव से गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ उसकी करीबी नीतू उर्फ नसरीन (Neetu alias Nasreen) भी पकड़ी गई। पुलिस का आरोप है कि यह एक संगठित गिरोह था, जो हिंदू और अन्य गैर-मुस्लिम समुदायों के लोगों को निशाना बनाता था - खासकर गरीब मजदूरों, विधवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को।
- तरीके: आर्थिक लालच, झूठे शादी के वादे, भावनात्मक दबाव या अन्य प्रलोभन।
- मकसद: बड़े पैमाने पर अवैध धर्मांतरण कराना।
- फंडिंग: विदेशी स्रोतों (मुख्य रूप से मध्य पूर्व) से करोड़ों रुपये आए, जिनका इस्तेमाल प्रचार, संपत्ति खरीद और गतिविधियों में हुआ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रहा है। छंगुर बाबा से जुड़ी संपत्तियां 100 करोड़ रुपये से अधिक की बताई जा रही हैं, जिनमें कई अवैध कब्जे वाली हैं।
लखनऊ (Lucknow) के गोमती नगर थाने में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 121A (राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश), 153A (धार्मिक दुश्मनी फैलाना), 417 (धोखाधड़ी) और 420 (ठगी) के अलावा उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण निषेध अधिनियम के प्रावधान लगाए गए हैं।
अब आगे क्या?
इधु इस्लाम की गिरफ्तारी से रैकेट का महाराष्ट्र कनेक्शन टूटने की उम्मीद है। एटीएस अब उससे पूछताछ कर आगे के सहयोगियों, फंडिंग के स्रोत और बाकी नेटवर्क का पता लगाएगी। ईडी भी संपत्ति जब्ती और मनी ट्रेल की जांच तेज कर रही है। यह मामला उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ चल रही बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है, जो अब अंतरराज्यीय स्तर पर फैल चुका है।
(स्रोत: यूपी एटीएस, नागपुर पुलिस)












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