Life on Moon: क्या चांद पर संभव है जीवन? वहां के 'दैत्याकार गड्ढे' करेंगे इंसानों की मदद
भारत का चंद्रयान-3 मिशन चांद पर अहम खोज करने वाला है। इसके तहत वहां की बनावट, पानी की मौजूदगी आदि से जुड़े रहस्य सुलझेंगे। इस बीच लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा कि क्या भविष्य में चांद पर इंसान रह सकेंगे? इस सवाल का जवाब भारत, अमेरिका, चीन, रूस जैसे कई देश खोज रहे।
दरअसल चांद पर ऑक्सीजन नहीं है, ऐसे में अभी जीवन की संभावना ना के बराबर है। भविष्य में इंसानों ने अगर वहां पर ऑक्सीजन की व्यवस्था कर ली, तो वहां का तापमान चुनौती बनकर सामने खड़ा रहेगा। हालांकि इसको लेकर कुछ वक्त पहले एक अच्छी खबर सामने आई थी।

वैज्ञानिकों के मुताबिक चंद्रमा के भूमध्य रेखा के पास तापमान दिन के उजाले में 250°F (121°C) तक चला जाता है, वहीं जब रात होती है तो ये गिरकर -208°F (-133°C) तक हो जाता है। चांद की कुछ जगहों पर तो तापमान माइनस 200 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।
कुछ वक्त पहले चांद के तापमान को लेकर एक शोध हुआ था, जिसमें बताया गया कि वहां पर कई विशाल गड्ढे हैं, जहां पर तापमान पृथ्वी के बराबर रहता है। उन इलाकों में 17 डिग्री सेल्सियस तक तापमान की उम्मीद है।
इसके अलावा उन गड्ढों के पास कुछ गुफानुमा आकृतियां हैं, उसमें रहकर भी इंसान खुद को बचा सकता है। ये उल्कापिंडों की बारिश के वक्त काम आएंगी।
वहीं चांद पर सौर विकिरण और अन्य हानिकारक किरणों का भी खतरा रहता है, जो जिंदगी को वहां पर असंभव बनाते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक इन गुफाओं में इंसान इससे भी बच सकता है। हालांकि इन सब पर अभी काफी ज्यादा रिसर्च की जरूरत है।
कैसे हुआ गड्ढों का निर्माण?
करीब 450 करोड़ साल पहले पृथ्वी पर जमकर उल्कापिंडों की बारिश हुई थी। उस वक्त चांद भी उनकी चपेट में आया था। जिस वजह से उस पर विशाल गड्ढे हो गए। इन्हें Moon Crater कहा जाता है। जब कोई यान चांद पर जाता है, तो सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं से रहता है।












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