'घर का बना खाना, स्पेशल रूम, दवा..., जेल में गए चंद्रबाबू नायडू को क्यों दी जा रही है ये खास सुविधा
Chandrababu Naidu jail News: तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। चंद्रबाबू नायडू को राजमुंदरी सेंट्रल जेल में रखा गया है। जेल में रहने के दौरान चंद्रबाबू नायडू को कुछ खास सुविधाएं दी जाएंगी।
विजयवाड़ा की एक स्थानीय कोर्ट ने कहा है कि चंद्रबाबू नायडू की उम्र को देखते हुए उन्हें जेल में घर का बना खाना, दवाएं और एक विशेष कमरा दिया जाएगा।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अदालत ने चंद्रबाबू नायडू को 23 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। चंद्रबाबू नायडू को कौशल विकास निगम से धन के दुरुपयोग से जुड़े धोखाधड़ी मामले में 09 सितंबर 2023 को गिरफ्तार किया गया था।
जज ने अपने आदेश में बताया है कि ये सुविधाएं चंद्रबाबू नायडू को उनकी उम्र को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। विजयवाड़ा की एसीबी अदालत ने राजमुंदरी सेंट्रल जेल के अधीक्षक को 73 वर्षीय चंद्रबाबू नायडू के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें जेल में एक अलग से रखने का निर्देश दिया गया है। चंद्रबाबू नायडू को जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है।
न्यायाधीश ने आदेश में कहा है कि, ''केंद्रीय जेल के अधीक्षक को याचिकाकर्ता/ए37 यानी चंद्रबाबू नायडू को जेल में घर का बना हुआ भोजन, दवा और जेल में विशेष कमरे सहित सभी विशेष सुविधाएं दी जाएं।''

कोर्ट के जज ने चंद्रबाबू नायडू पर लगाए गए आरोपों पर क्या कहा?
हिरासत के आदेश के मुताबिक न्यायाधीश ने इस बात पर जोर डाला है कि चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर विश्वास किया जा सकता है, हमें लगता है कि जांच पूरी करने के लिए 24 घंटे काफी नहीं हैं...इसलिए हम इन्हें हिरासत में भेज रहे हैं।
न्यायाधीश ने आदेश दिया कि जेल अधीक्षक नायडू को हिरासत में लेने के बाद 22 सितंबर 2023 को सुबह 10.30 बजे अदालत में पेश करेंगे।
बता दें कि कड़ी सुरक्षा और खराब मौसम के बीच चंद्रबाबू नायडू को सड़क मार्ग से एक काफिले में विजयवाड़ा से लगभग 200 किमी दूर राजमुंदरी सेंट्रल जेल में ले जाया गया है।
नायडू के जेल जाने के बाद इमोशनल हुए नारा लोकेश
नायडू के जेल जाने के बाद, उनके बेटे और टीडीपी महासचिव, नारा लोकेश ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावनात्मक पोस्ट लिखा। नारा लोकेश ने आरोप लगाया कि उनके पिता को एक ऐसे अपराध के लिए अन्यायपूर्ण तरीके से रिमांड पर भेजा गया, जो उन्होंने कभी किया ही नहीं था।
नारा लोकेश ने पूछा,"मैं गुस्से में उबल रहा हूं और मेरा खून खौल रहा है। क्या राजनीतिक प्रतिशोध की गहराई की कोई सीमा नहीं है? मेरे पिता की क्षमता का व्यक्ति, जिसने अपने देश, राज्य और तेलुगु लोगों के लिए बहुत कुछ किया है, उसे ऐसा अन्याय क्यों सहना चाहिए? " नारा लोकेश ने कहा कि वह और उनके पिता ने तेलुगु लोगों के भलाई के लिए लड़ाई लड़ी है।












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