पटना के कोरोना अस्पतालों की व्यवस्था से केंद्रीय टीम नाखुश, कहा- यहां संक्रमण फैलने का खतरा
नई दिल्ली। कोरोना अस्पतालों का जायजा लेने बिहार पहुंची केंद्र की टीम ने यहां की व्यवस्था पर असंतोष जाहिर किया है। तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम ने पटना में नालंदा मेडिकल कॉलेड एंड हॉस्पिटल (एनएमसीएच) के कोरोना डेडिकेटेड सेंटर का निरीक्षण किया। साथ ही सेंट्रल इमरजेंसी वार्ड का भी मुआयना किया। केंद्रीय टीम ने यहां तक कहा कि इतनी अव्यवस्था है कि यहां से महामारी फैलने का खतरा है। रविवार को टीम ने ये दौरा किया है।

केंद्रीय टीम ने माना कि बिहार में अभी संक्रमण के कम्युनिटी ट्रांसफर की स्थिति नहीं है। बिहार में जांच के तरीके को बदलकर इसकी संख्या बढ़ानी होगी। संक्रमितों को अलग करने के साथ इलाज की सुविधा मुहैया करानी होगी। तभी संक्रमण की स्थिति में परिवर्तन होगा। केंद्रीय टीम ने बिहार में कोरोना से बचाव के लिए हर प्रकार की सुविधाओं को मुहैया कराने को लेकर आश्वासन दिया कि मेडिकल उपकरण और जांच मशीनें इत्यादि उपलब्ध कराई जाएंगी।
केंद्रीय टीम के एक सदस्य ने पटना में बातचीत के दौरान कहा कि अस्पताल के अंदर ऐसी लापरवाही के कारण संकमण फैलने का खतरा है और अस्पताल को इससे बचाने की जरूरत है। टीम का नेतृत्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने किया।
केंद्रीय टीम के निरीक्षण की खबर को शेयर करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट के जरिए बिहार के मौजूदा हालात पर सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा- बिहार में कोरोना महामारी की स्तिथि नाज़ुक है और राज्य सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। अस्पताल वार्ड में लावारिस शव का पड़े होना बिहार सरकार के 'सुशासन' का पर्दाफाश करता है।
बिहार में कोरोना के मरीजों की संख्या में हाल के दिनों में तेजी से बढोतरी हुई है। कोरोना महामारी के संक्रमण के मामलों की संख्या 27 हजार के पार जा चुकी है। भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले अब 11 लाख के पार पहुंच गए हैं और 28084 लोगों की अब तक मौत इससे हो चुकी है।












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