क्रिसमस और न्यू ईयर पर फिर बढ़ सकता है प्रदूषण, पटाखों पर CPCB ने जारी किया ये आदेश
Firecrackers Ban in India: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) कोरोना महामारी (Coronavirus) से पहले ही परेशान है, जबकि पिछले महीने से बढ़े प्रदूषण ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं। इसके बाद दिल्ली सरकार और एनजीटी हरकत में आई। साथ ही दिवाली पर पटाखों की बिक्री और उनको जलाने पर बैन लगा दिया। अब धीरे-धीरे हालात सुधर रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) ने क्रिसमस और नए साल पर फिर से प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई है।

बुधवार को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कहा कि क्रिसमस और नए साल पर होने वाली गतिविधियों की वजह से प्रदूषण फिर से बढ़ सकता है। ऐसे में सभी जिम्मेदार सरकारी एजेंसियां इसको लेकर सतर्क हो जाएं। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि सभी जगहों पर पटाखों की बिक्री और उसके जलाने को लेकर एनजीटी ने जो आदेश दिया था, उसका कड़ाई से पालन हो। वहीं जो लोग एनजीटी और कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या था एनजीटी का आदेश?
एनजीटी ने पहले दिवाली पर सभी तरह के पटाखों पर बैन लगाया था। इसके बाद दिसंबर के पहले हफ्ते में इस मामले में फिर से सुनवाई हुई। उस दौरान एनजीटी ने कहा कि क्रिसमस और नए साल के दौरान भी राजधानी दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद समेत एनसीआर के सभी इलाकों में पटाखे बेचने और खरीदने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। वहीं देश के अन्य शहरों / कस्बों में कोविड-19 महामारी के दौरान सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जहां वायु की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी के अंतर्गत आती है।
ग्रीन पटाखों पर आधे घंटे की छूट
वहीं जिन शहरों में हालात सामान्य हैं, वहां पर ग्रीन पटाखे का इस्तेमाल रात 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक किया जा सकता है। साथ ही सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि प्रतिबंधित पटाखे नहीं बेचे जाएं और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।












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