सीबीआई के एक और पूर्व डायरेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस, AP सिंह से जल्द हो सकती है पूछताछ
सीबीआई ने सोमवार को एपी सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर एक्सपोर्टर मोइन कुरैशी, कुरैशी के दोस्त प्रदीप कोनेरू से मुलाकात करने का आरोप है।
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा के खिलाफ जांच का आदेश देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के एक महीने के अंदर ही एजेंसी के एक और पूर्व निदेशक ए.पी. सिंह पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। ए.पी. सिंह दिंसबर 2010 से दिसंबर 2012 तक सीबीआई के निदेशक थे। पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा पर कोयला घोटाले के कुछ आरोपियों से अकेले में मुलाकात करने का आरोप है।

मोटी रकम लेकर फायदा पहुंचाने का आरोप
सीबीआई ने सोमवार को एपी सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर एक्सपोर्टर मोइन कुरैशी, कुरैशी के दोस्त प्रदीप कोनेरू से मुलाकात करने का आरोप है। इनका नाम वाईएस जगन मोहन रेड्डी के आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी आ चुकी है। इसकी शिकायत प्रवर्तन निदेशालय ने की थी। शिकायत में कहा गया है कि कुरैशी ने एपी सिंह के सीबीआई प्रमुख रहते हुए कई लोगों और कंपनियों से मोटी रकम लेकर उन्हें भ्रष्टाचार के मामलों में फायदा पहुंचाने की बात की थी। उसने सभी से वादा किया था कि वह एजेंसी की रिपोर्ट से उनके खिलाफ सबूत हटवा देगा। READ ALSO: सत्ता और AIADMK पर कब्जा करने के लिए शशिकला ने कैसे जयललिता की पसंद को किया दरकिनार
BBM पर हुई बातचीत का खुलासा
सीबीआई की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में ईडी की भी शिकायत लिखी हुई है। शिकायत में कहा गया था, 'कुरैशी कई बड़े अधिकारियों और लोगों के लिए बिचौलिए का काम कर रहा था। उसने काफी दस्तावजों को भी लीक किया है।' 15 मई 2014 को इंडियन एक्सप्रेस ने ब्लैकबेरी मैसेंजर टैक्स्ट (BBM) पर कुरैशी और सिंह के बीच की बातचीत को आधार बनाकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में ईडी ने 25 मैसेज दिखाए थे और सबूत दिया था कि रिटायर होने के बाद भी कुरैशी और सिंह के बीच कॉन्टैक्ट थे।
आरोप लगने के बाद हुई छापेमारी
मामला सामने आने के बाद एपी सिन्हा और मोइन कुरैशी के आवासों पर छापेमारी की गई। मीट एक्सपोर्टर आदित्य शर्मा के कर्मचारियों के यहां भी छापेमारी की गई थी। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, सिंह को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया सकता है। रिटायरमेंट के बाद 2013 में उन्हें लोकसेवा आयोग का सदस्य बनाया गया था लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद जनवरी 2015 में हटा दिया गया। इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक कुरैशी ने करीब 157 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की। कुरैशी का नाम रंजीत सिन्हा के आवास की विजिटर डायरी में भी था जो अक्सर उनसे मिलने जाता था।












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