शिया वक्फ बोर्ड विवाद: कल्बे जव्वाद बोले, 'मेरी और आजम की संपत्ति की CBI जांच हो'

कल्बे जव्वाद ने आजम के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार चाहे तो उनकी और आजम की सम्पत्ति की जांच सीबीआई से करा सकती है।
मौलाना ने बिना आजम का नाम लिए कहा कि अपने ओहदे का गलत फायदा उठाते हुए वक्फ के पूर्व चेयरमैन को दोबारा चेयरमैन बनाना चाहते हैं।
कल्वे जव्वाद का पक्ष-
- आजम खां के कब्रिस्तान बेचने के आरोप पर पलटवार करते हुये जव्वाद ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 350 करोड़ रुपए कब्रिस्तानों की चाहरदीवारी के निर्माण के लिये आजम खां के विभाग को दिये थे।
- आज तक किसी भी कब्रिस्तान की चाहरदीवारी नहीं बनीं। साल 2005 में वक्फ मंत्री रहे आजम खां ने रामपुर किले के अन्तर्गत वक्फ की जमीन पर कब्जा करवाकर वहां अवैध तरीके से इमारत बनवाई।
- मौजूदा समय में वहां बाजार तैयार किया जा रही है। जिसमें लगभग 105 दुकानें हैं, जिनकी कीमत करीब सौ करोड़ रुपए है। उन्होंने वक्फ के कागजात मौजूद होने का दावा करते हुये कहा कि सच जल्द ही सामने आ जाएगा।
आजम खां का पक्ष-
- आजम ने कहा कि मुझ पर वे लोग आरोप लगा रहे हैं, जो खुद केंद्रीय गृहमंत्री का स्वागत करते हैं और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हैं।
- आजम ने मुख्यमंत्री को लिखा है, सरकार में शामिल होने के कुछ ही दिन बाद मैंने आपको मुस्लिम औकाफ की बर्बादी के बारे में लिखा था।
- केंद्रीय कानून, राज्य के कानून तथा इस्लामी शरीयत के मुताबिक हरगिज नहीं बेचा जा सकता। यहां तक कि मस्जिदें तोड़कर प्लाटिंग कर दी गई। जब कब्रिस्तान तक बेच दिए गए, तब दूसरी जायदादों का कहना ही क्या।
क्या है मामले की तस्वीर-
गौरतलब है कि शिया वक्फ बोर्ड चुनाव को लेकर पिछले कुछ दिनों से मौलाना कल्बे जव्वाद और आजम खान में तनातनी चल रही है। इससे पहले मौलाना जव्वाद ने आजम खां पर पिछले दिनों शिया वक्फ बोर्ड पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत शिया समुदाय के लोगों के साथ मौलाना ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर की थी।












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