'1000 DTC बस खरीद मामले में CBI को डेढ़ साल में कुछ भी नहीं मिला', AAP का दावा- भ्रष्टाचार का कोई सवाल ही नहीं
डीटीसी बस खरीद मामले में कथित भ्रष्टाचार की एलजी वीके सक्सेना की सीबीआई जांच की मंजूरी के बाद आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है।
नई दिल्ली, 11 सितंबर: डीटीसी बस खरीद मामले में कथित भ्रष्टाचार की एलजी वीके सक्सेना की सीबीआई जांच की मंजूरी के बाद आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा 1000 वातानुकूलित बसों की खरीद में घोटाले की प्रारंभिक जांच दर्ज करने के बाद भी सीबीआई को डेढ़ साल में कुछ भी नहीं मिला है।
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आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि खरीद योजनाओं के तहत कोई बस नहीं खरीदी गई थी और कोई अनुबंध नहीं दिया गया था । प्रक्रिया की जांच शुरू होने के बाद प्रक्रिया को रोक दिया गया था, इसलिए भ्रष्टाचार का कोई सवाल ही नहीं है।
सरकार ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाई
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एक रुपये का भुगतान नहीं किया गया था। जांच शुरू होने के बाद सरकार ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाई। जांच पूरी होने के बाद ही प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की योजना है। उन्होंने कहा कि पूर्व उपराज्यपाल ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था और आप सरकार को क्लीन चिट दे दी थी।
'भाजपा चाहती ही नहीं कि बस खरीदी जाए'
भाजपा दावा कर रही है कि आप सरकार ने बसों की खरीद नहीं की है। और जब भी आप सरकार ने बसों की खरीद के लिए टेंडर जारी किया तो भाजपा ने इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई क्योंकि वे नहीं चाहते कि बसें खरीदी जाए।
'हम सवाल उठाना जारी रखेंगे'
उन्होंने कहा कि आप सभी तरह की पूछताछ और जांच का स्वागत करती है। आप सांसद और विधायकों ने एलजी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, लेकिन एलजी जांच के लिए तैयार नहीं हैं। एलजी ने हमें मानहानि के नोटिस की धमकी दी, लेकिन हम डरते नहीं हैं और हम सवाल उठाना जारी रखेंगे।
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