पंजाब के पूर्व आईजी, एक IDES अधिकारी समेत 6 लोगों को 8 महीने का करावास, CBI कोर्ट ने सुनाई सजा
पंजाब के 10 साल पुराने एक मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व आईजी गौतम चीमा, आईडीईएस अधिकारी अजय चौधरी समेत कुल 6 लोगों को चार वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। मामले में दोष सिद्ध होने पर सभी आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। सीबीआई कोर्ट ने ताजा फैसला मोहाली पुलिस स्टेशन की हिरासत से एक व्यक्ति को जबरन हिरासत में लेने के मामले में सुनाई पूरी होने के बाद सुनाया है।
मामला 2014 में घोषित अपराधी सुमेध गुलाटी के अपहरण और उसके ठिकानों पर अनाधिकार प्रवेश से जुड़े आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, कथित तौर पर फेज-1 पुलिस स्टेशन से अस्पताल ले जाया गया था। बता दें कि गुलाटी के खिलाफ वर्ष 2014 में ही रियल एस्टेट एजेंट देविंदर गिल के साथ एक धोखाधड़ी मामले में सह आरोपी था।

मामले में रियल एस्टेट कारोबारी रहे देविंदर सिंह गिल और उनकी पत्नी क्रिकपी खेड़ा ने आरोप लगाया था। दंपति ने कोर्ट को बताया कि संयुक्त संपत्ति में लाभ-बंटवारे के विवाद के बाद आईजीपी चीमा ने उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए थे। मामले में सीबीआई कोर्ट ने पुलिस महानिरीक्षक (IG) गौतम चीमा के साथ-साथ कोर्ट ने भारतीय रक्षा संपदा सेवा के अधिकारी अजय चौधरी और वकील वरुण उतरेजा को भी आठ-आठ महीने की जेल की सजा सुनाई है।












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