पैराडाइज पेपर्स की जांच पर CBDT, ED और RBI रखेंगी निगरानी
पैराडाइज पेपर्स की जांच पर CBDT, ED और RBI जैसी एजेंसियां निगरानी रखेंगी। सरकार ने मल्टी एजेंसी ग्रुप बनाकर इनकी मॉनिटरिंग करने के लिए कहा है।
नई दिल्ली। पनामा पेपर्स के बाद पैराडाइज लीक ने देश की सियासत में हलचल मचा दी है। पैराडाइज पेपर्स ने सोमवार को कई ताकतवर शख्सियतों और सेलिब्रिटीज की टैक्स चोरी का खुलासा किया है, जिनमें 700 से ज्यादा भारतीयों के नाम हैं। रिपोर्ट में उन फर्मों और कंपनियों के बारे में खुलासा किया गया है जिन्हें विदेशों में टैक्स बचाने के मकसद से खोला गया। ताजा खुलासे के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस CBDT, ED और RBI सक्रिय हो गए हैं। सरकार ने मल्टी एजेंसी ग्रुप बनाकर पैराडाइज लीक की मॉनिटरिंग करने के लिए कहा है।

बाजार नियामक सेबी विभिन्न सूचीबद्ध कंपनियों और उनके प्रवर्तकों द्वारा कोष की कथित हेराफेरी और कंपनी संचालन में खामी की जांच करेगा। इसमें विजय माल्या से जुड़े प्रवर्तक शामिल है।पैराडइज पेपर में माल्या का नाम भी शामिल है।वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि माल्या से जुड़ी कुछ इकाइयों की जांच पहले ही सेबी और अन्य एजेंसियां कर रही हैं। अब अगर इंटरनेशनल कंसोर्टियम आफ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) द्वारा सार्वजनिक किए गए दस्तावेज में कोई नया खुलासा किया गया है तो उस पर विस्तार से गौर किया जाएगा।
मोदी सरकार द्वारा एंटी ब्लैक मनी डे मनाए जाने से दो दिन पहले खुलासा हुआ है, जिसमें बहुत से भारतीयों के नाम हैं। इसके जरिए विदेशी कंपनियों और 19 टैक्स हैवेन देशों के बारे में बताया गया है। इन दस्तावेजों में भारतीयों के भी नाम शामिल हैं। 1.34 करोड़ दस्तावेजों के इस सेट को 'पैराडाइज पेपर्स' नाम दिया गया है। यह खुलासा पनामा पेपर्स के खुलासे के 18 महीनों बाद हुआ है। दोनों ही खुलासे जर्मनी के एक न्यूजपेपर Suddeutsche Zeitung ने किए हैं। इन खुलासों को करने के लिए इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) की ओर से छानबीन की गई है। आपको बता दें कि यह कंसोर्टियम 96 मीडिया ऑर्गेनाइजेशन के साथ पार्टनरशिप करके यह काम करता है।












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