सावधान! खतरे में आया 70 लाख BHIM ऐप यूजर्स का पर्सनल डेटा, जानिए क्या है मामला?
नई दिल्ली। भारत सरकार द्वारा लांच किए गए मोबाइल पेमेंट ऐप भीम का डेटा लीक होने की सूचना है। इजरायल की साइबर सिक्योरिटी वेबसाइट वीपीएनमेंटर ने रिपोर्ट दी है कि इससे भीम ऐप डेटा लीक होने से 70 लाख से ज्यादा लोगों की पर्सनल डेटा के दुरुपयोग का खतरा है। कंपनी के मुताबिक करीब 409 जीबी डेटा लीक हुआ है, जिसमें आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, निवास का प्रमाण, बैंक रिकॉर्ड के साथ लोगों के पूरे प्रोफाइल की जानकारी शामिल है।
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वीपीएनमेंटर के अनुसार डेटा लीक की शिकार हुए भीम वेबसाइट का इस्तेमाल एक कैंपेन के लिए किया जा रहा था। इसमें बिजनेस मर्चेंट और यूजरों को ऐप से जोड़ा जा रहा था, जिसमें से कुछ संबंधित डेटा गलत तरह से बनकर अमेजन वेब सर्विस एस3 बकेट में स्टोर हो रहा था और यह डेटा सभी की पहुंच में था। बताया जाता है कि एस3 बकेट में फरवरी 2019 से रिकॉर्ड जमा हो रहे थे।

आसान शब्दों में कहें तो एस3 बकेट स्लाउड स्टोरेज का एक प्रकार हैं, लेकिन इन्हें अपने अकाउंट में सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को सेट-अप करने के लिए डेवलपर की जरूरत होती है। साइबर सिक्योरिटी फर्म ने कहा कि डेटा लीक होने का पैमाना काफी बड़ा है, जिसका भारत में रहने वाले लाखों लोगों पर असर पड़ सकता है। कंपनी के मुताबिक इसने हैकर और साइबर अपराधियों के लिए फ्रॉड, चोरी और हमले का खतरा पैदा कर दिया है।

वीपीएनमेंटर में साइबर सिक्योरिटी के रिसर्चर नोआम रोटेम और राम लोकार ने बताया कि यह डेटा लीक काफी चिंताजनक है। यूपीआई आईडी, डॉक्यूमेंट के साथ इसका वॉल्यूम काफी बड़ा है। हैकरों के लिए भीम यूजर डेटा का एक्सपोजर बैंक के डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर जितना बड़ा है, जिसने इसके लाखों यूजरों के खाते की जानकारी को एक्सपोज कर दिया है।

गौरतलब है भीम वेबसाइट को भारत सरकार के साथ सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज ने विकसित किया है। भीम ऐप को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 2016 में लॉन्च किया था और फरवरी 2020 तक इस एप से 1.84 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए थे। बताया जाता है कि यह खामी अप्रैल में रिपोर्ट की गई थी, जिसे बीते महीने ठीक किया गया है।












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