CAA Protest: OIC ने नए कानून को लेकर जताई चिंता, बयान जारी कर कहा मुसलमानों को दी जाए सुरक्षा
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नई दिल्ली। ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) ने कहा है कि वह नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) से जुड़े हर घटनाक्रम पर करीब से नजर रखे हुए है। संस्था का मानना है कि इस कानून के बाद भारत में बसे मुसलमानों की आबादी पर असर पड़ रहा है। रविवार को संस्था की तरफ से एक बयान जारी किया गया है। इस बयान में सीएए को लेकर चिंता जाहिर की गई है। इस्लामिक संस्था की तरफ से बयान में कहा गया है कि भारत में संशोधित नागरिकता कानून और बाबरी मस्जिद केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उसकी चिंताएं बढ़ गई हैं।

अथॉरिटीज सुनिश्चित करें मुसलमानों की सुरक्षा
ओआईसी ने अथॉरिटीज से कहा है कि वे भारत में इस्लाम के पवित्र जगहों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और मुसलमान अल्पसंख्यकों को सुरक्षा मुहैया कराएं। बयान में यूनाइटेड नेशंस (यूएन) के चार्टर और तमाम अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत बिना किसी भेदभाव के अल्पसंख्यकों के सभी अधिकारों की सुरक्षा करने के लिए कहा गया है। बयान के मुताबिक किसी भी तरह से अगर इन सिद्धांतों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई की गई तो फिर इससे तनाव बढ़ेगा और साथ ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।
जो नया कानून पिछले दिनों देश में आया है उसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले हिंदुओं, पारसी, ईसाई, जैन, सिख और बौद्ध धर्म के उन अनुयायियों को भारत की नागरिकता मिलेगी जिन्हें धर्म की वजह से उत्पीड़न झेलने को मजबूर होना पड़ता है। ओआईसी ने अपने बयान में बाबरी मस्जिद का भी जिक्र किया है जोकि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से जुड़ा है। नवंबर में आए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 2.77 एकड़ की जमीन पर एक मंदिर बनाया जाना चाहिए। जबकि मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए पास में ही जमीन दी जानी चाहिए।












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