20 साल का बीटेक स्टूडेंट निकला 'बुली बाई' ऐप को बनाने वाला, असम से गिरफ्तार
नई दिल्ली, 6 जनवरी: मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट कर उनकी 'ऑनलाइन बोली' लगाने वाले 'बुली बाई ऐप' के मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दावा किया है कि उनके IFSO स्पेशल सेल ने असम से इस ऐप के मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया है। मुख्य साजिशकर्ता असम के जोरहाटी के दिगंबर इलाके का रहने वाला 20 साल का नीरज बिश्नोई है।
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डीसीपी (आईएफएसओ) के.पी.एस. मल्होत्रा ने जानकारी दी है कि आईएफएसओ टीम ने असम से नीरज बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। जो 'बुली बाई' का मुख्य साजिशकर्ता, क्रिएटर और ऐप का मेन ट्विटर अकाउंट होल्डर है। अब उसको दिल्ली लाया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि नीरज वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल में बीटेक का छात्र है। गिरफ्तारी के बाद वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल ने नीरज बिश्नोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विश्वविद्यालय के अगले आदेश तक उसका निलंबन प्रभावी रहेगा।
डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने बताया है कि नीरज बिश्नोई को आज रात दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा। उसने पुलिस के सामने इस ऐप को बनाने की बात कबूल की है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने उसके लैपटॉप और मोबाइल से काफी तकनीकी सबूत भी हासिल कर लिए हैं। जिससे पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान नीरज बिश्नोई ने खुलासा किया कि ऐप को नवंबर 2021 में तैयार किया गया था, इसके बाद दिसंबर में इसे अपडेट किया गया। उसने कहा कि ऐप के बारे में बात करने के लिए एक और ट्विटर अकाउंट बनाया है।
मुंबई पुलिस ने भी की तीन गिरफ्तारियां
मुंबई पुलिस ने भी इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां की हैं। बुधवार को मुंबई पुलिस ने बताया था कि बुल्ली बाई ऐप मामले में उसने तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है। इसमें दो लोग उत्तराखंड और एक बिहार का निवासी है। मुंबई पुलिस ने बिहार के विशाल झा को वहीं उत्तराखंड से 18 वर्षीय श्वेता सिंह और मयंक रावत को गिरफ़्तार किया है।
क्या है ये ऐप और क्यों है इस पर हंगामा
बुली बाई ऐप को वेब प्लेटफॉर्म गिटहब पर तैयार किया गया है। ऐप 100 से ज्यादा मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें शेयर कर उनके 'बिक्री' की जा रही थी। जिसमें कई समाजिक कार्यकर्ता, पत्रकारों और दूसरे क्षेत्रों की महिलाएं भी शामिल थीं। फिलहाल इस ऐप को प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया है। दिल्ली और मुंबई की पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।












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