• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

'इस हिंदू-मुस्लिम विवाद में आज मेरे पिता की जान गई, कल किसके पिता की जाएगी?'

|
    Bulandshahr में अब तक 4 लोग Arrest, Shahid Inspector Subodh के बेटे ने कही बड़ी बात । वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। यूपी के बुलंदशहर में गोकशी की खबर पर भड़की हिंसा में यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बवाल के दौरान भीड़ ने इंस्पेक्टर सुबोध को घेरकर उनके ऊपर हमला किया। पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की है, जिनमें 27 लोगों के खिलाफ नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा है कि इस मामले की भी जांच होगी कि पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर सुबोध को अकेला क्यों छोड़ा। इस बीच हिंसा में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के बेटे अभिषेक ने सामने आकर बड़ा बयान दिया है।

    'कल किसके पिता की जाऩ जाएगी...'

    'कल किसके पिता की जाऩ जाएगी...'

    अपने पिता इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत पर उनके बेटे अभिषेक ने कहा, 'मेरे पिता मुझे एक ऐसा अच्छा नागरिक बनाना चाहते थे, जो समाज में धर्म के नाम पर हिंसा को बढ़ावा ना देता हो। आज इस हिंदू मुस्लिम फसाद में मेरे पिता की जान गई है, कल किसके पिता की जाऩ जाएगी?' आपको बता दें कि सोमवार को बुलंदशहर के स्याना इलाके में गोकशी की खबर पर हिंदू संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए थे। गुस्साई भीड़ ने सड़क पर जाम लगाते हुए गाड़ियों में तोड़फोड़ की और पुलिस पर भी हमला किया। भीड़ के हमले में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की जान चली गई। इस मामले में एसआईटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

    ये भी पढ़ें- बुलंदशहर में कैसा था खौफ का मंजर, चश्मदीद पुलिसकर्मी ने बताई आंखों देखी

    जांच होगी, इंस्पेक्टर सुबोध को अकेला क्यों छोड़ा

    जांच होगी, इंस्पेक्टर सुबोध को अकेला क्यों छोड़ा

    गौरतलब है कि भीड़ की हिंसा का शिकार हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह 2015 में दादरी में मॉब लिंचिंग में मारे गए अखलाक मामले में भी जांच अधिकारी थे। मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने मीडिया के सामने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर सुबोध को भीड़ के बीच अकेला क्यों छोड़ा। वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की एसआईटी जांच के आदेश देते हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिजनों के लिए 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर दुख जाहिर करते हुए दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश जारी किया है।

    '300 से 500 के बीच थी भीड़'

    '300 से 500 के बीच थी भीड़'

    इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत गोली लगने से बताई गई है। वहीं, मौके पर मौजूद पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने घटना के बार में बताया कि उग्र भीड़ ने सड़क जाम कर दी थी और वो लोग पुलिस टीम पर पत्थरबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की संख्या 300 से 500 के बीच बताई जा रही है। इस हमले में इंस्पेक्टर सुरेश कुमार को भी चोट आई है। पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की हैं, पहली- अवैध गोकशी को लेकर और दूसरी भीड़ के हिंसक प्रदर्शन को लेकर। मामले में अभी तक दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एहतियात के तौर पर बुलंदशहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोषी लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    ये भी पढ़ें- जब उस रात निक ने नहीं किया Kiss, तो क्या था प्रियंका का रिएक्शन?

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Bulandshahr Violence: My Father Lost His Life in Hindu Muslim Dispute, Says Son of Inspector Subodh Kumar Singh.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more