Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Budget 2026: कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत! 17 दवाएं हुई टैक्स फ्री, हेल्थकेयर सेक्टर के बड़े ऐलान

Budget 2026 Healthcare Sector: बजट 2026-27 के पिटारे से कैंसर रोगियों और दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) से जूझ रहे परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर निकली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपने नौवें बजट भाषण के दौरान कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 प्रमुख दवाओं पर बेसिक सीमा शुल्क (Customs Duty) को पूरी तरह से हटाने का क्रांतिकारी फैसला लिया है।

भारत जैसे देश में, जहां कैंसर का इलाज अक्सर परिवारों को कर्ज के जाल में धकेल देता है, वहां जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों में यह कटौती एक संजीवनी की तरह काम करेगी। इसके साथ ही, सात अन्य दुर्लभ बीमारियों के लिए विशेष दवाओं और मेडिकल फूड के व्यक्तिगत आयात को भी शुल्क मुक्त कर दिया गया है, जो सीधे तौर पर गंभीर मरीजों की जेब पर पड़ने वाले भारी-भरकम बोझ को कम करेगा।

Budget 2026 Healthcare Sector

Budget 2026: कैंसर मरीजों के लिए अब 'सस्ता' होगा इलाज

कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी बाधा दवाओं की अत्यधिक लागत रही है, जिनमें से अधिकांश आधुनिक थेरेपी और दवाएं विदेशों से आयात की जाती हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस समस्या का समाधान करते हुए 17 कैंसर दवाओं पर 0% बेसिक सीमा शुल्क का प्रस्ताव दिया है।

ये भी पढ़ें: Content Creator Budget 2026: इंस्टा-यूट्यूब पर VIDEO बनाने वालों की मौज! बजट का ऐलान सुन हो जाएंगे खुश

क्या होगा फायदा: पहले इन दवाओं पर बेसिक सीमा शुल्क लगने के कारण इनकी 'लैंडेड कॉस्ट' (भारत पहुंचने तक की कीमत) काफी बढ़ जाती थी। अब ड्यूटी हटने से बाजार में इन दवाओं की खुदरा कीमतें कम होंगी।

सीधा लाभ: यह छूट विशेष रूप से उन मरीजों के लिए प्रभावी होगी जो एडवांस्ड कैंसर के इलाज के लिए विदेशी इम्यूनोथेरेपी और टारगेटेड दवाओं पर निर्भर हैं।

Budget 2026 Healthcare Sector: दुर्लभ बीमारियों के लिए 7 नए द्वार खुले

कैंसर के अलावा, सरकार ने उन दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) की सूची का भी विस्तार किया है जिन्हें सीमा शुल्क से राहत मिलती है।

7 नई बीमारियां शामिल: अब सात और दुर्लभ बीमारियों को ड्यूटी छूट के दायरे में लाया गया है।

व्यक्तिगत आयात (Personal Import): इन बीमारियों के इलाज के लिए यदि कोई मरीज व्यक्तिगत स्तर पर दवाएं, विशेष चिकित्सा आहार (FSMP) या अन्य दवाएं मंगवाता है, तो उसे कोई आयात शुल्क नहीं देना होगा।

नामजद मरीज आधार (Named Patient Basis): यह कदम उन मरीजों के लिए गेम-चेंजर है जिनकी दवाएं भारत में नहीं बनतीं और जिन्हें विशेष रूप से विदेश से ऑर्डर देकर मंगवाना पड़ता है।

Budget 2026: स्वास्थ्य विशेषज्ञों और उद्योग की राय

स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि भारत में कैंसर के इलाज का खर्च अक्सर बीमा कवर से बाहर हो जाता है। दवाओं की कीमतों में छोटी सी कटौती भी उन मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी बचत साबित होती है जो लंबे समय तक चलने वाले कैंसर उपचार चक्रों से गुजर रहे हैं।

हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि दवाओं के साथ-साथ अस्पताल में भर्ती, डायग्नोस्टिक्स और सहायक देखभाल की लागत पर भी दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता है।

बजट 2026 की अन्य बड़ी स्वास्थ्य और टैक्स घोषणाएं

सिर्फ दवाएं ही नहीं, बजट में अन्य क्षेत्रों में भी रियायतें दी गई हैं जो स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी हैं:

क्षेत्र (Sector) पुरानी स्थिति बजट 2026 की घोषणा
1
कैंसर दवाएं सीमा शुल्क लागू 17 दवाएं अब टैक्स फ्री
2
दुर्लभ बीमारियां सीमित सूची 7 और बीमारियों को राहत
3
व्यक्तिगत आयात 20% टैरिफ घटाकर 10% किया गया
4
विदेशी चिकित्सा/शिक्षा 5% TCS घटाकर 2% किया गया
5
विदेशी टूर पैकेज 5% / 20% TCS अब केवल 2% (बिना सीमा)

सरकार का विजन, आत्मनिर्भरता और सामर्थ्य

बजट में जहां एक तरफ बायो-फार्मा शक्ति (Bio-Pharma Shakti) जैसी योजनाओं के जरिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने का लक्ष्य है, वहीं तत्काल राहत के लिए सीमा शुल्क को तर्कसंगत बनाया गया है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि सरकार कैंसर जैसी 'कैटास्ट्रोफिक' (विनाशकारी) बीमारियों के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ये भी पढ़ें: Budget 2026: वित्त मंत्री सीतारमण के बजट के बाद SENSEX-NIFTY हुई धड़ाम, शेयर मार्केट में मचा हाहाकार

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+