Budget 2021: आर्थिक सर्वेक्षण में क्रेडिट रेटिंग पर सवाल, 5वीं बड़ी इकोनॉमी को ग्रेड-BBB नहीं दे सकते
Budget 2021: नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की रिपोर्ट सदन के सामने पेश की। इसमें बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुताबिक वित्त वर्ष 2021 में वास्तविक विकास दर माइनस 7.7 प्रतिशत जबकि 2022 में वास्तविक विकास दर 11.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। इस रिपोर्ट में भारत की स्वतंत्र क्रेडिट रेटिंग को मानकों को पूरा न करने की बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को ट्रिपल बी (BBB) ग्रेड नहीं दिया जा सकता।

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रेटिंग के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
इसमें कहा गया है कि "स्वतंत्र क्रेडिट रेटिंग्स के इतिहास में कभी भी 5 वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को निवेश के सबसे निचले पायदान ट्रिपल बी ग्रेड पर नहीं रखा गया है। भारत की राजकोषीय नीति को भारत के मूल सिद्धांतों के पक्षपाती उपाय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अतिरिक्त 2.8 मानक विचलन नकारात्मक घटना को कवर करने में सक्षम है। इसलिए यह जरूरी है कि स्वतंत्र क्रेडिट रेटिंग पद्धति को अधिक पारदर्शी और कम व्यक्तिपरक बनाया जाए।"
चीन ने भी उठाया है सवाल
इसमें कहा गया है कि चीन भी अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के खिलाफ जोर दे रहा है। चीन ने कहा है कि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की कार्यप्रणाली उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले विकसित अर्थव्यवस्थाओं के अनुकूल है।
सरकार के मुख्य सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने आर्थिक सर्वेक्षण को जारी किया है। सर्वेक्षण में भारत के चालू खाते में 2 प्रतिशत का अधिशेष दर्ज करने का अनुमान लगाया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में पहला चैप्टर कोरोना महामारी के दौरान लोगों की जीवन रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर आधारित है।
सर्वे में इस बात को पेश किया गया है कि कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से उस वक्त निगेटिव इकोनॉमी ग्रोथ हुई, लेकिन भविष्य में ये ग्रोथ पॉजिटिव रहेगी।












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