BRS MLA खरीद-फरोख्त मामला: तेलंगाना हाईकोर्ट ने CBI को मामला ट्रांसफर करने की चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
उच्च न्यायालय ने सोमवार 6 फरवरी को विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने को चुनौती देने वाली अपील को खारिज कर दिया।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) विधायक की खरीद-फरोख्त मामले में तेलंगाना हाईकोर्ट ने सोमवार को सीबीआई जांच की अनुमति देने वाले मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने को चुनौती देने वाली सरकार की याचिका खारिज कर दी। मामले को सीबीआई को ट्रांसफर करने को लेकर तेलंगाना सरकार ने चुनौती दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दी।
उच्च न्यायालय ने सोमवार 6 फरवरी को विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने को चुनौती देने वाली अपील को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति एन तुकारामजी की खंडपीठ ने राज्य सरकार और विधायक पायलट रोहित रेड्डी की याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें भारत राष्ट्र के चार विधायकों को कथित तौर पर खरीद फरोख्त के प्रयास से संबंधित मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने के एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी गई थी।
खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि एकल न्यायाधीश की पीठ के आदेश को गलत नहीं ठहराया जा सकता और इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। खंडपीठ के आदेश ने सनसनीखेज मामले की सीबीआई जांच का मार्ग प्रशस्त किया। उच्च न्यायालय ने आदेश के कार्यान्वयन पर रोक लगाने के महाधिवक्ता के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया क्योंकि राज्य सरकार ने इसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने की योजना बनाई है।
Recommended Video

27 दिसंबर 2022 को जस्टिस बी विजयसेन रेड्डी ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले को सीबीआई को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय ने उस सरकारी आदेश को भी रद्द कर दिया था जिसके तहत मामले की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।
यह भी पढ़ें- समलैंगिक जोड़े की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केरल हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, जारी किया नोटिस












Click it and Unblock the Notifications