बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की जमानत याचिका
बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
नई दिल्ली। बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। मालूम हो कि यस बैंक से 3700 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में राणा कपूर को आरोपी बनाया गया है। खबर के अनुसार राणा कपूर ने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी, जिसपर सुनवाई करते हुए अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया।

क्या हैं राणा कपूर पर आरोप
यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर पर आरोप हैं कि उनकी बैंक ने सारे नियम कानूनों को ताक पर रख कर दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) को लोन दिया जिसके बदले उन्हें 600 करोड़ का फायदा मिला। डीएचएफएल ने बदले में राणा कपूर की बेटियों की कंपनी डूइट अर्बन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 600 करोड़ का लोन दिया। राणा कपूर की दोनों बेटी रोशनी और राधा इस कंपनी की मालकिन है।
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इस मामले की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच कर रहा है। ईडी ने अब तक मामले में कार्रवाई करते हुए राणा कपूर व इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की लगभग 2800 करोड़ की संपत्तियां अटैच की हैं, जिनमें विदेश में मौजूद कुछ संपत्तियां भी शामिल हैं। जांच एजेंसी ने राणा कपूर के लंदन और न्यूयॉर्क वाले फ्लैट को भी अटैच किया है।
राणा कपूर को पिछले साल मार्च में गिरफ्तार किया गया था। उनपर आरोप है कि उन्होंने बैंक में अपनी पोजीशन का लाभ उठाकर डीएचएफएल के लिए लोन पास किया और बदले में उन्हें और उनके परिवार को डीएचएफएल ने आर्थिक लाभ दिया। इस घोटाले के सामने आने के बाद यश बैंक के शेयर काफी गिर गए थे। हालांकि, खबरों के मुताबिक दिसंबर 2020 में समाप्त तीसरी तिमाही के लिए बैंक ने 150.71 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया है।












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