Sushant Case: मीडिया ट्रायल से बॉम्बे हाईकोर्ट नाराज, कहा- प्रेस काउंसिल की गाइडलाइन का हो पालन

Sushant Singh Rajput Death Case: एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत को 7 महीने से ज्यादा का वक्त हो गया, फिर भी अभी तक मौत के राज से पर्दा नहीं हट पाया है। इस बीच मीडिया ने भी सुशांत केस को बरीकी से कवर किया और कई चैनल्स ने नए-नए खुलासे किए। मामले में कुछ पूर्व पुलिस अधिकारियों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में सुशांत केस के मीडिया ट्रायल को रोकने के लिए एक याचिका दायर की थी। जिस पर सोमवार को कोर्ट का फैसला आया। कोर्ट ने मीडिया ट्रायल पर नाराजगी तो जताई ही, साथ ही सभी को गाइडलाइन्स का पालन करने के निर्देश दिए।

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सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court ) ने माना कि किसी भी केस की जांच के दौरान मीडिया ट्रायल (Media Trial) उसकी जांच को काफी ज्यादा प्रभावित करता है। कोर्ट ने कहा कि जब तक कोई नई गाइडलाइन नहीं आ जाती तब तक मीडिया को सुसाइड केस में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। कोर्ट ने ये भी माना कि टाइम्स नाउ और रिपब्लिक टीवी की रिपोर्ट प्रथमदृष्टया कोर्ट की अवमानना थी, लेकिन वो इस बार कोई एक्शन नहीं लेंगे।

मुंबई पुलिस की छवि खराब करने का आरोप
दरअसल कुछ चैनलों ने सुशांत केस को लेकर मुंबई पुलिस (Mumbai Police) पर सवाल उठाए थे। साथ ही इशारों ही इशारों में सांठ-गांठ के आरोप भी लगा दिए। इस पर 8 पूर्व आईपीएस अधिकारियों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। जिसमें मीडिया के एक वर्ग द्वारा मुंबई पुलिस की नकारात्मक छवि पेश करने को लेकर आपत्ति जताई गई। इसी केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना की सुशांत केस में कुछ रिपोर्टिंग प्रथमदृष्टया अवमाननापूर्ण थी। कोर्ट ने पहले भी मीडिया से रिपोर्टिंग के दौरान संयम बरतने को कहा था।

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