पैसों की तंगी के कारण इरफान खान का ये सपना रह गया अधूरा, जानिए पूरी कहानी
नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता इरफान खान का मुंबई स्थित कोकिलाबेन अस्पताल में बुधवार को निधन हो गया है। उन्होंने महज 53 साल की उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया। इरफान खुद कैंसर का इलाज कराकर कुछ समय पहले विदेश से लौटे थे। लॉकडाउन में घर से दूर होने की वजह से उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए अपनी मां के अंतिम दर्शन किए थे।
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इरफान को क्रिकेट खेलना बहुत पसंद था
इरफान खान (Irrfan Khan) ने अपने दम पर सिनेमा में खुद की एक अलग पहचान बनाई। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपने अभिनय की छाप छोड़ने वाले इरफान सुपरस्टारडम हासिल करने में कामयाब रहे। हालांकि बचपन में वे एक्टर नहीं बनना चाहते थे। दरअसल राजस्थान में पैदा हुए इरफान खान को क्रिकेट खेलना बहुत पसंद था। वो अपने पड़ोस में और चौगान स्टेडियम में जाकर क्रिकेट खेलना पसंद करते थे।

पैसों की तंगी थी वजह
इसके अलावा इरफान को स्कूल जाना भी पसंद नहीं था और क्रिकेट की प्रैक्टिस करना ही अच्छा लगता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इरफान खान क्रिकेट में इतने अच्छे थे कि उनका चयन सीके नायडू ट्रॉफी के लिए लगभग हो गया था। लेकिन पैसों की तंगी के चलते उनका क्रिकेटर बनने का सपना अधूरा रह गया। इरफान के निधन की खबर सुनकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने भी दुख व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने इरफान को एक अच्छा क्रिकेटर बताया है।
'वह एक अच्छे क्रिकेटर भी थे'
अपने ट्वीट में देवेंद्र फडणवीस ने कहा है, 'इरफान खान के असामयिक निधन से हमने एक बहुमुखी अभिनेता को खो दिया है। न केवल एक मेहनती अभिनेता, बल्कि वह एक अच्छे क्रिकेटर भी थे, लेकिन पैसे की कमी के कारण इसे परस्यू नहीं कर सके। टीवी और फिल्मों में उनका काम कई लोगों को आत्मविश्वास और प्रेरणा देता है। इरफान को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि और उनके परिवार, दोस्तों एवं दुनियाभर के उनके फैंस के प्रति गहरी संवेदना!'

मुश्किल दौर में पत्नी ने साथ दिया
बता दें एनएसडी में इरफान के एडमिशन के कुछ समय बाद उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उन्हें घर से मिलने वाले पैसे भी बंद हो गए थे। एनएसडी से मिलने वाली फेलोशिप के जरिए उन्होंने अपना कोर्स खत्म किया। उस मुश्किल दौर में इरफान की क्लासमेट सुतापा सिकंदर ने उनका साथ दिया था। 23 फरवरी 1995 में दोनों की शादी हुई। इरफान ने पीकू, लाइफ ऑफ पाई, द नेमसेक, स्लमडॉग मिलेनियर, पान सिंह तोमर, हासिल, लाइफ इन अ मेट्रो, तलवार, मकबूल, ये साली जिंदगी, हैदर जैसी कई मशहूर फिल्मों में काम किया है।

अंग्रेजी मीडियम है आखिरी फिल्म
बॉलीवुड के टैलेंटेड अभिनाताओं में शामिल इरफान खान के यूं अचानक चले जाने से उनके फैंस और बॉलीवुड सेलेब्स सदमे में हैं। दो साल पहले मार्च 2018 में इरफान को न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर नामक बीमारी का पता चला था। विदेश से इस बीमारी का इलाज कराकर इरफान खान ठीक हो गए थे। इसके बाद वह भारत लौटे और अंग्रेजी मीडियम में काम किया। ये फिल्म इरफान की जिंदगी की आखिरी फिल्म है।












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