क्या 2024 के लिए अपने कोर एजेंडे से अलग हटी BJP? एनडीए सांसदों को दिया गया संदेश समझिए

चुनावी रणनीति की बात होती है तो भारतीय जनता पार्टी हमेशा अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे रहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसके लिए इन दिनों अलग-अलग बैचों में एनडीए के सांसदों के साथ बैठकें कर रहे हैं और उन्हें चुनावी तैयारियों के लिए सुझाव दे रहे हैं।

लेकिन, 2024 के लोकसभा चुनाव में लगता है कि बीजेपी अपने पूरे हो चुके कुछ कोर एजेंडे को ज्यादा तूल देने के बजाए मोदी सरकार और जिन राज्यों में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकारें हैं, उनके कार्यों पर ज्यादा फोकस रख सकती है।

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एनडीए सांसदों को पीएम मोदी का संदेश, गरीबों के लिए कार्य करें
जानकारी के मुताबिक बुधवार को पीएम मोदी ने एनडीए के जिन सांसदों के साथ मुलाकात की है, उनसे यही कहा कि 'गरीबी सबसे बड़ी जाति है', इसलिए सांसद जातिगत बातों से ऊपर उठकर गरीबों के लिए कार्य करने पर फोकस करें।

राम मंदिर और 370 से अधिक गरीबों के लिए हुए काम पर फोकस
जानकारी यहां तक सामने आई है कि प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि राम मंदिर और आर्टिकल 370 को खत्म किए जाने से भी अधिक सरकार ने गरीबों के लिए जो कार्य किए हैं, उसे ज्यादा हाइलाइट किया जाना चाहिए। अगर चुनावी रणनीति के हिसाब से देखें तो यह बीजेपी के दृष्टिकोण में थोड़ा बदलाव कहा जा सकता है।

मौजूदा कार्यकाल में भाजपा का दो मूल एजेंडा पूरा हुआ है
भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के समय से पार्टी का तीन मुख्य एजेंडा रहा है- अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाना और यूनिफॉर्म सिविल कोड। दिलचस्प बात ये है कि मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल में पार्टी का पहला दोनों मुख्य एजेंडा पूरा हो चुका है। फिर भी अगर पीएम मोदी सरकार के कार्यों को ज्यादा फोकस करने के लिए कह रहे हैं तो निश्चित तौर पर यह रणनीतिक बदलाव माना जा सकता है।

तीसरा एजेंडा यूसीसी हो सकता है अगला हथियार
अलबत्ता पार्टी का तीसरा मुख्य एजेंडा यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड अभी सुर्खियों में है। इसको लेकर बीजेपी बीजेपी काफी सक्रिय भी नजर आ रही है। यह भी तथ्य है कि यूसीसी पर नई बहस पीएम मोदी के भोपाल में दिए गए एक बयान से ही शुरू हुई है। इसलिए, इसपर आगे आने वाले दिनों में पार्टी क्या रख अपनाती है, यह देखने वाली बात हो सकती है।

ऐसे में माना जा सकता है कि पीएम मोदी का संदेश साफ है। राम मंदिर और आर्टिकल 370 का वादा तो पूरा हो ही चुका है। चुनावों से पहले मंदिर के भव्य उद्घाटन की भी तैयारी है। इसलिए शायद पार्टी को अब इसपर ज्यादा कुछ कहने की आवश्यकता नहीं रह गई है, मंदिर बनने के साथ यह काम खुद ही पूरा होता रहेगा। लेकिन, यूसीसी को पार्टी अभी गर्म रखना चाहती है।

सांसदों को अपने क्षेत्र में कॉल सेंटर स्थापित करने को भी कहा
वहीं पीएम मोदी का फोकस अपने सरकार के कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाना है। इसलिए जानकारी है कि उन्होंने सांसदों को यह भी निर्देश दिया है कि अपने चुनाव क्षेत्रों में कॉल सेंटर स्थापित करें और लोगों की शिकायतें सुनें और उसके निवारण की कोशिश करें। जानकारी तो यहां तक है कि उन्होंने सांसदों से कहा है कि वे सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को रखें ताकि 'विपक्ष की ओर से फैलाई जा रही (कथित) भ्रामक सूचनाओं' की रोकथाम हो सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 जुलाई से 10 अगस्त के बीच एनडीए सांसदों से अलग-अलग ग्रुपों में मुलाकात कर रहे हैं। इसके लिए बीजेपी ने 430 एनडीए सांसदों को 11 ग्रुपों में विभाजित किया है। यह ग्रुप इस तरह से बनाया गया है, ताकि 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए आपस में बेहतर तालमेल बिठाई जा सके।

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