उपवास पर बैठे मनोज तिवारी को हुआ पेट दर्द, बुलाना पड़ा डॉक्टर
दिल्ली में सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी उपवास किया। इस दौरान मनोज तिवारी के पेट में अचानक दर्द हो गया और आनन-फानन में डॉक्टर को बुलाया गया।
नई दिल्ली। हंगामे की भेंट चढ़े संसद के बजट सत्र में काम-काज ना होने के लिए कांग्रेस समेत विपक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए भाजपा ने गुरुवार को एक दिवसीय उपवास रखा। उपवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से लेकर तमाम केंद्रीय मंत्री और पार्टी के सभी सांसद शामिल हुए। दिल्ली में सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी उपवास किया। इस दौरान मनोज तिवारी के पेट में अचानक दर्द हो गया और आनन-फानन में डॉक्टर को बुलाया गया।

'मेरा दर्द जनता के दर्द से बड़ा नहीं'
दरअसल संसद में हंगामे के खिलाफ गुरुवार को भाजपा के सभी सांसदों ने उपवास रखा। भाजपा सांसद मनोज तिवारी भी दिल्ली में अपने संसदीय क्षेत्र में एक दिवसीय उपवास पर बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक उनके पेट में दर्द हो गया। मनोज तिवारी को दर्द की शिकायत का पता चलते ही तुरंत डॉक्टर को बुलाया गया। इस बारे में जब मनोज तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा, 'हाल ही में मेरा पथरी का लेजर ऑपरेशन हुआ था, इसलिए मुझे दर्द हुआ लेकिन मेरा दर्द जनता के दर्द से बड़ा नहीं है।'

कांग्रेस के खिलाफ पीएम मोदी का उपवास
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के संसद में हंगामे के चलते सदन की कार्रवाई नहीं चल पाने के विरोध में एक दिन का उपवास रखा। इस उपवास से पहले पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि हम जो उपवास रख रहे हैं वह उनके खिलाफ है जिन लोगों ने संसद की कार्रवाई नहीं चलने देकर लोकतंत्र की हत्या की है। पीएम ने कहा कि जो लोग 2014 में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके, वह चाहते हैं कि देश आगे नहीं बढ़े। इन लोगों ने एक भी दिन संसद की कार्रवाई को नहीं चलने दिया।

संसद में वर्ष 2000 के बाद सबसे कम काम
आपको बता दें कि पिछले महीने शुरू हुआ बजट सत्र विपक्षी पार्टियों के हंगामे की भेंट चढ़ गया था। अगर बीते सालों के आंकड़े देखें तो इस बजट सत्र में वर्ष 2000 के बाद सबसे कम कामकाज हुआ था। बजट सत्र के दौरान आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने की मांग को लेकर टीडीपी का विरोध प्रदर्शन, कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन करने की मांग को लेकर अन्ना द्रमुक का प्रदर्शन और हजारों करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक फर्जीवाड़े पर बहस करने को लेकर कांग्रेस के अड़े रहने के कारण करीब आधा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया था।












Click it and Unblock the Notifications