हार के बाद बीजेपी नेता ने कहा कि, विवेकानंद और बोस की धरती पर काम नहीं करेगी अखिल-भारतीय रणनीति
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा उपचुनाव में तीनों सीटों पर भाजपा को मिली हार के बाद विरोध के स्वर उठने लगे हैं। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्र कुमार बोस ने शुक्रवार को मोदी सरकार की पैन-इंडिया रणनीति का विरोध किया है। चंद्र कुमार बोस ने शुक्रवार को कहा कि, पार्टी को अब राज्य विशेष के लिये योजना बनानी चाहिए क्योंकि क्योंकि 'विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती पर अखिल भारतीय रणनीति काम नहीं करेगी'।

नेताजी के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने उपचुनावों में मिली हार का आत्मविश्लेषण करने की अपील करते हुए कहा कि, पार्टी को उपचुनाव के दौरान एनआरसी को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा नहीं बनाना चाहिए था। उन्होंने कहा, भाजपा के लिए यह जरूरी है कि वह राज्य में संगठन को मजबूत करे और बंगाल के लिए अलग रणनीति तैयार करे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, हमें संगठन के अंदर मौजूद कमियों को सुधारना होगा।
बोस ने कहा कि, पैन इंडिया रणनीति स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती पर कारगर नहीं होगी।बोस ने कहा कि, राजनीतिक दलों को राज्य में मूलभूत बुनियादी ढांचे का विकास करने के लिए काम करना चाहिए न कि वोट बैंक के लिए लोगों का ध्रुवीकरण करना चाहिए। गौरतलब कि बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस हफ्ते की शुरूआत में हुए विधानसभा उपचुनाव में सभी तीनों सीटों पर जीत हासिल कर ली।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी को मिली जीत को राष्ट्रीय नागरिक पंजी(एनआरसी) के खिलाफ जनादेश करार दिया और इसे 'धर्मनिरपेक्षता एवं एकता' के पक्ष में आया फैसला बताया था। उपचुनाव में बीजेपी को केंद्रीय मंत्री देवाश्री चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के क्षेत्र में भी शिकस्त का स्वाद चखना पड़ा। बावजूद इसके बीजेपी का कहना है कि भले ही पार्टी तीनों सीटों पर हार गई है, लेकिन मत-प्रतिशत में भारी इजाफा हुआ है।












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