संघ और सरकार पर हमला करने वाले विपक्ष से इस तरह निपटेगी भाजपा
नई दिल्ली। कहा जाता है कि रक्षात्मक होने से बेहतर नीति आक्रामक होने की होती है और अगर राजनीति में कामयाब होना है तो यही नीति सबसे बेहतर रहती है। देश में 2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं इसे लेकर राजनीतिक दल अभी से वार-पलटवार करने में लगे हैं। केंद्र में क्योंकि सत्ता में बीजेपी है तो वो इस वक्त कई मामालों को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। लेकिन अब बीजेपी ने विपक्षी दलों के ऐसे नेताओं को आक्रामक रूप से निशाना बनाने का फैसला किया है जो आरएसएस, इसके सहयोगियों और केंद्र के नेतृत्व पर लगातार हमला कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री से राज्य के नेतृत्व तक सभी बीजेपी नेताओं ने अब विपक्षी दलों को आक्रामक रुप से टारगेट करना शुरु कर दिया है और ये हमले 201 9 के लोकसभा चुनाव पास आते आते और तेज होंगे।

ऑफेंस इज द बेस्ट डिफेंस
हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने न केवल बचाव किया बल्कि आरएसएस की आलोचना करने वाले लोगों पर जमकर निशाना भी साधा। इसी तरह पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा लगभग हर रोज इस तरह से आक्रामक हमले कर रहे हैं। इसी तरह पार्टी के पास नेताओं की एक लंबी सूची है जो विपक्ष के किसी भी हमले पर पलटवार के लिए तैयार है।

निशाने पर राहुल गांधी
दिल्ली में आरएसएस सरसंघचालक के कार्यक्रम के दौरान मौजूद भारतीय जनता पार्टी के बिहार के प्रवक्ता आनंद झा ने ‘वन इंडिया' को बताया "विपक्षी नेताओं को आरएसएस की आलोचना करने से पहले खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए, आरएसएस एक सामाजिक संगठन है। आरएसएस पर कोई टिप्पणी करने से पहले, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड घोटाले का जवाब देना चाहिए, डीएलएफ जमीन घोटाले में अपने जीजा रॉबर्ट वाड्रा की भागीदारी पर जवाब देना चाहिए। उन्हें अदालत की लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि वो खुद जमानत पर हैं"।
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स्वयंसेवक बनो, तो जानो
झा कहते हैं कि अगर विपक्षी नेता आरएसएस के बारे में जानना चाहते हैं, तो उन्हें आगे आना चाहिए और स्वयंसेवक बनना चाहिए। वो तभी समझेंगे कि आरएसएस क्या है। राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह, पी चिदंबरम, तेजस्वी यादव और किसी भी अन्य नेता को बोलने से पहले आरएसएस को समझना चाहिए। तेजस्वी जैसे नेताओं को आईआरसीटीसी घोटाले और पटना के भूमि घोटाले पर ध्यान देना चाहिए। चारा घोटाले के लिए उनके पिता पहले से ही जेल में हैं। उन्हें आरजेडी के भीतर अपने पारिवारिक झगड़े पर भी ध्यान देना चाहिए।

खुद के गिरेबान में झांके विपक्ष
एक अन्य बीजेपी नेता ने कहा कि इन नेताओं को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए जब तक की वो खुद के खिलाफ लगे आरोपों से बरी नहीं हो जाते हैं। आनंद झा आगे कहते हैं कि बीजेपी और अन्य राजनीतिक दलों के बीच एक अंतर है। बीजेपी वो पार्टी है जो देश के लोगों के लिए योजनाओं के बारे में बात करती है जबकि कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने घोटाले ज्यादा किए हैं। इसलिए उन्हें आरएसएस और बीजेपी पर कोई टिप्पणी करने से पहले आत्म अवलोकन करना चाहिए।
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