किरण बेदी से दूरियां बनाईं भाजपा ने
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) अब लगभग साफ है कि किरण बेदी का भाजपा से संबंध खत्म हो चुका है। उनके लिए भाजपा में कोई जगह नहीं है। हाल ही में पार्टी प्रमुख अमित शाह ने पार्टी की 111 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की। पर उन्होंने इसमें किरण बेदी को कोई जगह नहीं दी।

दोस्ती का अंत
उधर, किरण बेदी के बारे में लोग कहते हैं कि वे खुद भी बेहद महत्वाकांक्षी किस्म की इंसान है। अगर उन्हें किसी जगह से कुछ मिलने की उम्मीद नहीं रहती तो वे उससे दूर हो जाती हैं। अब उन्हें भाजपा से कुछ भी मिलने के उम्मीद नहीं है। भाजपा को भी उनकी हैसियत का अंदाजा हो गया है। इसलिए हो सकता है कि दोनों की कुछ समय तक रही दोस्ती का भी अब अंत हो जाए।
अब क्या करेंगी
किरण बेदी को जानने वाले कहते हैं कि वह अब फिर से अपने एनजीओ को वक्त देने लगेंगी। राजनीति की मारामारी वब नहीं झेली सकती। वह देश-विदेश में विभिन्न विषयों पर बोलने के लिए भी जाती रहेंगी।
भाजपा को करीब से जानने वालों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व को भी समझ आ गया है कि किरण बेदी में कोई दम नहीं है। इसलिए उन्हें पार्टी सेजोड़ने का कोई मतलब नहीं है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी और अपनी हार के बाद से किरण बेदी एक बार भी भाजपा के दफ्तर में नहीं गई। पहले पूछा जा रहा था कि क्या वे भाजपा को मजबूती देने के लिए एक्टिव होंगी ? दिल्ली विधानसभा के चुनाव में वे खुद कृष्णा नगर से चुनाव हारीं थी।
दफ्तर नहीं गई
दिल्ली भाजपा के दफ्तर में बना किरण बेदी का कमरा खाली पड़ा है। उनके भाजपा में शामिल होते ही उसे आनन-फानन में तैयार कर दिया गया था। उसमें तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवा दी गईं थीं। पर किरण बेदी चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से ही नदारद रहीं। बता दें वे कल भाजपा प्रमुख अमित शाह के पुत्र की दिल्ली में आयोजित भोज में भी नहीं दिखीं।
कुछ समय पहले दिल्ली भाजपा के प्रभारी सतीश उपाध्याय ने कल एक इंटरव्यू में कहा कि अब किरण बेदी को खुद तय करना है कि वे पार्टी में किस तरह से एक्टिव होना या रहना चाहती हैं। उन्होंने किरण बेदी के भाजपा से आगे के संबंधों पर इससे ज्यादा कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।












Click it and Unblock the Notifications